कलक्टर बालमुकुंद असावा ने की जल शक्ति अभियान की समीक्षा

राजसमंद ( दिव्यशंखनाद) 27 मई। जिला कलक्टर श्री बालमुकुंद असावा ने सोमवार को पानी, बिजली, संपर्क, शिक्षा, चिकित्सा, रसद आदि से जुड़े अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर दिशा-निर्देश दिए। पेयजल सप्लाई, परियोजनाओं की स्थिति, सैम्पलिंग आदि की समीक्षा की। बाघेरी परियोजना से पेयजल सप्लाई को लेकर कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से धरातलीय स्थिति की रिपोर्ट लें ताकि निरंतर सप्लाई सुनिश्चित की जा सके।
कलक्टर ने कहा कि पानी की सैंपलिंग मूल सोर्स यानि कुए, तालाब अथवा टंकी तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, अधिकारी लोगों के घरों तक जाएं और नलों से आ रहे पानी के भी सैंपल उठाकर चेक करें। हैंडपंप रिपेयरिंग की समीक्षा के दौरान पीएचईडी नए बताया कि जिले में 30 मिस्त्री हैं, हर ब्लॉक में 3-4 टीमें लगातार कार्यरत हैं, शिकायतों का 48 घंटों में निस्तारण कर रहे हैं एवं अब तक 1030 हैंडपंप ठीक किए जा चुके हैं।
जल शक्ति अभियान की हुई समीक्षा:
कलक्टर ने जल शक्ति अभियान – कैच द रेन की समीक्षा की। वाटरशेड एसई अनिल सनाढ्य ने बताया कि यह भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य देश में जल संरक्षण और जल प्रबंधन को सशक्त बनाना है।
इसके तहत वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों का पुनरुद्धार, भूजल पुनर्भरण, जलग्रहण क्षेत्र विकास, अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग और वृक्षारोपण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाती है। इस अभियान को एक जन आंदोलन का रूप दिया गया है, जिसमें आम जनता, पंचायतें, स्कूल, कॉलेज, स्वयंसेवी संगठन और विभिन्न सरकारी विभाग सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
अधिकाधिक संरचनाएं बनाई जाए:
जल शक्ति अभियान का उद्देश्य न केवल जल संसाधनों का संरक्षण करना है, बल्कि लोगों को पानी के विवेकपूर्ण उपयोग और जल स्रोतों के पुनर्जीवन के प्रति जागरूक भी बनाना है। कलक्टर ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सक्रिय होना सुनिश्चित करें एवं आमजन को भी इसके लिए जागरूक करें। साथ ही पीएचईडी, वन विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग, नगर निकाय आदि अपने स्तर पर अधिकाधिक संरचनाओं के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा दें।


