जिले में जल संरक्षण, जल ग्रहण, चारागाह विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में हुए उल्लेखनीय कार्य

राजसमंद ( दिव्य शंखनाद ) 12 जून। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत जिले में जल संरक्षण और चारागाह विकास के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों का मीडिया ने अवलोकन किया। इस अवसर पर आमेट ब्लॉक के ग्राम भादला, ग्राम पंचायत जिलोला में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के तहत जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग द्वारा विकसित चारागाह विकास कार्यों का निरीक्षण किया।
कार्यक्रम में अधीक्षण अभियंता एवं परियोजना प्रबंधक डब्ल्यूडीसी श्री अनिल सनाढ्य द्वारा विभागीय गतिविधियों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई और जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान (प्रथम व द्वितीय चरण) के अंतर्गत जल संसाधन विभाग द्वारा किए गए सारणिया एनीकट (ग्राम सारणिया खेड़ा, पंचायत ओलनाखेड़ा) के जीर्णोद्धार कार्य का भी निरीक्षण किया गया। सहायक अभियंता श्री भूपेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि पूर्व में यह एनीकट पूर्णतः क्षतिग्रस्त था और इसकी जलग्रहण क्षमता अत्यंत कम थी। अब जीर्णोद्धार के उपरांत यह एनीकट अपनी पूर्ण क्षमता से पानी को रोकने में सक्षम हो गया है, जिससे न केवल आसपास के कुओं और ट्यूबवेल्स को लाभ मिलेगा, बल्कि मवेशियों एवं वन्य जीवों के लिए भी जल उपलब्ध रहेगा।

इस मीडिया भ्रमण कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, स्थानीय नागरिक और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। प्रमुख जनप्रतिनिधियों में जिला प्रमुख श्रीमती रतनी देवी जाट, ग्राम पंचायत जिलोला के प्रशासक श्री रामलाल गुर्जर, समाजसेवी श्री रामेश्वर बैरवा, युवा मोर्चा अध्यक्ष श्री सम्पत लाल जाट, मण्डल उपाध्यक्ष श्री शान्ति लाल उपाध्याय सहित अन्य गणमान्य नागरिक शामिल रहे।
विभागीय अधिकारियों में श्री अनिल कुमार सनाढ्य (अधीक्षण अभियंता), प्रवेश परदेशी (जनसम्पर्क अधिकारी), राजेन्द्र सिंह मीणा (अधिशाषी अभियंता), सुरेश जाट व श्रीमती प्रियंका शर्मा (सहायक अभियंता), भूपेन्द्र सिंह एवं श्री चिराग वशिष्ठ (जन संसाधन विभाग) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के माध्यम से जिले में जल संरक्षण व प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों की सजीव झलक मीडिया के समक्ष प्रस्तुत की गई।


