
उदयपुर ( दिव्य शंखनाद) 24 जून|राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित एक गरिमामय समारोह में पंजाब के राज्यपाल महामहिम गुलाबचंद कटारिया को मनीषी पंडित जनार्दन राय नागर की स्मृति में प्रदत्त “संस्कृति रत्न” अलंकरण से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें भारतीय जीवन मूल्यों, सांस्कृतिक एवं नैतिक दृढ़ता तथा शिक्षा और सेवा कार्यों के प्रति उनके दीर्घकालीन समर्पण के लिए प्रदान किया गया।
समारोह प्रतापनगर स्थित आईटी सभागार में आयोजित हुआ, जहां देश की सांस्कृतिक चेतना और शिक्षात्मक परंपरा को समर्पित यह आयोजन एक विचार-प्रवाह और मूल्यों के पुनर्संस्कार का सजीव प्रतीक बन गया।
मुख्य अतिथि के रूप में अपने उद्बोधन में महामहिम गुलाबचंद कटारिया ने कहा, “पंडित जनार्दन राय नागर एक सामान्य व्यक्ति नहीं, बल्कि शिक्षा जगत में क्रांति लाने वाले विचारक थे। उनका जीवन आदर्शों की वह पुस्तक है, जो हर पीढ़ी का मार्गदर्शन कर सकती है।”
कटारिया ने इस बात पर बल दिया कि जनुभाई ने शिक्षा को सिर्फ पठन-पाठन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के वंचित तबकों को सशक्त करने का औज़ार बनाया। उन्होंने कहा,
“किसी असहाय की सहायता करना और अशिक्षित को शिक्षित करना ही सच्ची मानव सेवा है। यह अलंकरण मेरे लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि अत्यंत भावनात्मक जुड़ाव का क्षण है, क्योंकि मेरा छात्र जीवन, शिक्षकीय भूमिका और सेवा का प्रारंभ इसी विद्यापीठ से हुआ था।”
सम्मान स्वरूप प्राप्त एक लाख रुपये की राशि को भी कटारिया ने विद्यापीठ के विकास हेतु पुनः भेंट कर अपनी सेवा भावना को और अधिक उजागर किया।


