फॉल्कन-9 रॉकेट के जरिये ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में बैठकर आईएसएस के लिए रवाना हुए

नई दिल्ली ( दिव्यशंखनाद ) 25 जून| भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने 25 जून 2025 को 12.01 बजे नया इतिहास रच दिया. शुभांशु ने नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उड़ान भरी.
शुभांशु चार सदस्यीय दल का हिस्सा हैं, जो फॉल्कन-9 रॉकेट के जरिये ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में बैठकर आईएसएस के लिए रवाना हुए हैं. इससे पहले एक्सिओम-4 मिशन कई बार टाला जा चुका था. भारत के अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा इससे पहले 3 अप्रैल 1984 को स्पेस मिशन पर सोवियत संघ की मदद से गए थे. शुभांशु शुक्ला लखनऊ के रहने वाले हैं और एयरफोर्स में ग्रुप कैप्टन पद पर हैं. 1 साल की कड़ी ट्रेनिंग के बाद उन्हें स्पेस मिशन के लिए चुना गया था|
एक्सिओम-4 मिशन ने अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी
इतिहास रचने के लिए शुभांशु शुक्ला रवाना हो गए हैं। एक्सिओम-4 मिशन ने अंतरिक्ष के लिए उड़ान भर दी है। लॉन्चिंग के दौरान शुभांशु के माता-पिता की आंखों में आंसू थे। उन्होंने कहा कि पूरे देश को उन पर नाज है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, भारत में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन, दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर फ्रांसेस एडमसन ए.सी. और अन्य लोग फ्लोरिडा, अमेरिका में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से प्रक्षेपण पर जश्न मनाते देखे गए। इस मिशन का संचालन भारत के IAF ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला कर रहे हैं।
वह 41 वर्ष पहले लगातार आठ दिन पृथ्वी के चक्कर लगाने वाले राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में रवाना होने वाले दूसरे भारतीय होंगे। इससे पहले, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मंगलवार को घोषणा की कि भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) ले जाने वाले एक्सिओम-4 मिशन के लिए प्रक्षेपण 25 जून को होगा।
‘यह एक अद्भुत सफर है’
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कहा कि नमस्कार, मेरे प्यारे देशवासियों! क्या सफर है! हम 41 साल बाद एक बार फिर अंतरिक्ष में वापस आ गए हैं। यह एक अद्भुत सफर है। हम 7.5 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं। मेरे कंधों पर उभरा हुआ तिरंगा मुझे बताता है कि मैं आप सभी के साथ हूं। मेरी यह यात्रा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की शुरुआत नहीं है, बल्कि भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत है। मैं चाहता हूं कि आप सभी इस यात्रा का हिस्सा बनें। आपका सीना भी गर्व से चौड़ा होना चाहिए… आइये, हम सब मिलकर भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत करें। जय हिंद! जय भारत!

