
आजकल स्वस्थ दिखने वाले लोग भी अचानक दिल से जुड़ी गंभीर घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, जिसमें सडन कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक मुख्य हैं. अक्सर लोग इन दोनों स्थितियों को एक जैसा मान लेते हैं, जबकि इनके कारण, लक्षण और इलाज बिल्कुल अलग होते हैं. हाल ही में अभिनेत्री शेफाली जरीवाला के असामयिक निधन ने सभी को झकझोर कर रख दिया, जो कार्डियक अरेस्ट का मामला बताया गया. इसके साथ ही हम सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे अनेक वीडियो देखते हैं जिसमें जिम में, डांस करते हुए, खेलते हुए हार्ट अटैक से लोगों की अचानक मौत हो जाती है. आखिर हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट क्या है? हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में क्या अंतर है, इनके लक्षण क्या हैं और सबसे जरूरी इस खतरे से बचने के लिए हमें क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए.
हार्ट अटैक क्या है?
दिल की धड़कन का अचानक रुक जाना हार्ट इलेक्ट्रिकल स्पीड सिस्टम और लय में व्यवधान के कारण होता है, जिससे हार्ट पंप करने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे वे चेतना और सांस लेने की क्षमता खो देते हैं. जबकि हार्ट अटैक रोगी को हार्ट इलेक्ट्रिकल सिस्टम को बाधित करके एससीडी के प्रति ज्यादा संवेदनशील बनाता है. हार्ट अटैक अन्य हार्ट कंडिशन के कारण भी हो सकता है. जन्मजात हार्ट रोग, इलेक्ट्रोलाइट डिसऑर्डर, हार्ट में अनुचित तरीके से काम करने वाले वाल्व जो SCA के जोखिम को भी बढ़ा सकते हैं.
हार्ट अटैक के लक्षण :
- सीने में दर्द
- सांस फूलना
- पसीना
- थकान
कार्डियक अरेस्ट क्या है?
कार्डियक अरेस्ट तब होता है जब दिल काम करना बंद कर देता है. यह गंभीर हार्ट डिजीज बिना किसी चेतावनी के हो सकता है. कार्डियक अरेस्ट के दौरान दिल धड़कना बंद कर देता है और ब्रेन और शरीर के अन्य भागों में ब्लड फ्लो को सीमित कर देता है. यह स्थिति आम तौर पर हार्ट के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में किसी समस्या के कारण होती है. कार्डियक अरेस्ट ब्लड फ्लो को कम कर देता है और एक ऐसी स्टेज तक बढ़ जाता है जब पूरे शरीर में ब्लड फ्लो नहीं होता है. कार्डियक अरेस्ट कई बार बहुत तेज और अचानक हो सकता है. यह रोगी को बेहोश कर देता है और अचानक मृत्यु का कारण भी बन सकता है.
कार्डिएक अरेस्ट के लक्षण :
- सांस लेने में कठिनाई
- चक्कर आना
- थकान
- तेज धड़कन
- उल्टी करना
हार्ट अटैक
- हार्ट की धमनियों में ब्लॉकेज के कारण ब्लड फ्लो रुकना
- दिल धड़कता रहता है लेकिन ऑक्सीजन नहीं मिलती
- सीने में दर्द, सांस फूलना, पसीना और थकान
- गंभीर लेकिन समय मिलने पर इलाज संभव
कार्डियक अरेस्ट
- हार्ट के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में गड़बड़ी से धड़कन रुकना
- दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है
- अचानक बेहोशी, सांस रुकना, पल्स गायब
- तुरंत CPR और डिफिब्रिलेशन जरूरी
हार्ट अटैक एक “ब्लड सर्कुलेशन प्रोब्लम्स” है. हार्ट अटैक एक बंद धमनी ऑक्सीजन से भरपूर खून को हार्ट के एक कई हिस्सों में जाने से रोकती है. हार्ट अटैक पड़ने के बाद एससीए हो सकता है.
इसके विपरीत कार्डिएक अरेस्ट एक ‘इलेक्ट्रिकल समस्या’ है जिसमें हृदय धड़कना बंद कर देता है और पूरे शरीर में ब्लड को प्रभावी ढंग से पंप करने में असमर्थ होता है. कार्डिएक अरेस्ट बच्चों और किशोरों सहित सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है. हालांकि यह उम्र सीमा के आधार पर अलग-अलग लक्षण दिखाता है.
सडन कार्डिएक अरेस्ट का प्राइमरी कारण क्या है?
सडन कार्डिएक अरेस्ट का प्राइमरी कारण तब होता है जब हार्ट का इलेक्ट्रिक सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रही हो और हार्ट बहुत तेज या बहुत धीमी गति से धड़क रहा हो या यह अनियमित रूप से धड़क रहा हो. हालांकि कारण स्पष्ट नहीं है एससीए आमतौर पर कोरोनरी धमनी रोग (सीएडी) से जुड़ा होता है. ये एक ऐसी स्थिति है जहां धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने से हार्ट की मसल्स में ब्लड की सप्लाई कम हो जाती है. धूम्रपान और शराब पीने के अलावा, एक गतिहीन जीवन शैली जीना, जोरदार शारीरिक व्यायाम और अन्य जोखिम कारक भी SCA के लिए जिम्मेदार हैं.


