हत्या के लिए दो युवकों को एक-एक लाख रुपये में सुपारी दी गई

जयपुर ( दिव्यशंखनाद ) 03 जुलाई | राजस्थान के राजसमंद जिले में 24 जून को हुए सनसनीखेज शेरसिंह हत्याकांड की परतें खुल गई हैं. पुलिस ने हत्या की इस साजिश में मृतक की पत्नी प्रमोद कंवर को भी गिरफ्तार कर लिया है. प्रमोद कंवर ने अपने प्रेमी रामसिंह के साथ मिलकर पति की हत्या करवाई थी. दोनों ने हत्या को रोड एक्सीडेंट दिखाने की योजना बनाई थी. हत्या के लिए दो युवकों को एक-एक लाख रुपये में सुपारी दी गई थी.
पुलिस के अनुसार, उदयपुर जिले के घासा थाना इलाके की रहने वाली प्रमोद कंवर और अभियुक्त रामसिंह राणावत का प्रेम-प्रसंग स्कूल के दिनों यानी 12वीं कक्षा से ही चल रहा था. दोनों एक ही गांव और रिश्तेदारी में थे. इस वजह से परिवार और समाज ने दोनों को अलग कर दिया. प्रमोद कंवर की शादी 19 जुलाई 2013 को आमेट के पास खाखरमाला निवासी शेरसिंह चुंडावत से कर दी गई थी.
शादी के बाद प्रमोद कंवर अपने पति शेरसिंह के साथ मद्रास चली गई. वहां कुछ साल बिताने के बाद 2015 में बेटे के जन्म के बाद दोनों गांव लौट आए. इसी दौरान प्रमोद कंवर और रामसिंह के बीच फिर से नजदीकियां बढ़ने लगीं. रामसिंह का प्रमोद के ससुराल में आना-जाना शुरू हो गया. साल 2021 में प्रमोद कंवर को एक और बेटा हुआ, लेकिन इसके बावजूद उसका प्रेम संबंध खत्म नहीं हुआ. इस बीच पति-पत्नी के बीच झगड़े बढ़ने लगे. प्रमोद कंवर ने अपने पति से यहां तक कह दिया कि घर खर्च रामसिंह देता है और अगर शेरसिंह कमाई नहीं करेगा तो वह रामसिंह के साथ चली जाएगी.
21 जून 2025 को शेरसिंह ने प्रमोद कंवर की पिटाई कर दी. इसके बाद प्रमोद कंवर ने प्रेमी रामसिंह से पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई. दोनों ने तय किया कि शेरसिंह की हत्या रोड एक्सीडेंट की तरह दिखाएंगे. प्रमोद कंवर ने रामसिंह को 38 हजार रुपये दिए और हत्या की पूरी जिम्मेदारी सौंप दी. रामसिंह ने अपने मित्र प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी निवासी शौकीन कुमार भील को साथ लिया. शौकीन ने अपने गांव के ही दुर्गाप्रसाद मेघवाल को भी शामिल कर लिया. हत्या के लिए दोनों को एक-एक लाख रुपये देने का सौदा तय हुआ.
रामसिंह ने कार किराए पर ली और 24 जून की सुबह शेरसिंह की बाइक का पीछा किया. पहले योजना थी कि देसूरी नाल इलाके में टक्कर मारकर हत्या की जाए, लेकिन शेरसिंह उस दिन वापस घर लौट गया. इसके बाद प्रमोद कंवर ने प्रेमी को बताया कि वह शेरसिंह को आमेट लेकर आएगी. आमेट में शेरसिंह ने पत्नी को राजीविका कार्यालय पर उतार दिया और आगे निकल गया. इस बीच प्रमोद कंवर ने रामसिंह को लोकेशन बता दी.
रामसिंह, शौकीन और दुर्गाप्रसाद तीनों कार लेकर राजसमंद-भीलवाड़ा फोरलेन पर प्रतापपुरा ब्रिज पर पहुंचे. जैसे ही शेरसिंह वहां पहुंचा, शौकीन ने कार से टक्कर मारी. शेरसिंह बाइक से गिर पड़ा. इसी दौरान रामसिंह कार से उतरा और धारदार हथियार से शेरसिंह के गले, सिर और हाथ पर ताबड़तोड़ वार कर दिए. जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. यह वारदात सुबह 11 बजकर 51 मिनट पर हुई. शेरसिंह उस वक्त पत्नी को आमेट राजीविका कार्यालय छोड़कर बालोतरा जा रहा था.
हत्या के बाद तीनों आरोपी पीपरड़ा, नाथद्वारा, कोठारिया होते हुए मातृकुंडिया पहुंचे. वहां नहाकर खून से सने कपड़े फेंक दिए. फिर जोगणिया माता मंदिर पहुंचे और दर्शन किए. इसके बाद शौकीन और दुर्गाप्रसाद को घर भेज दिया गया, जबकि रामसिंह वहीं रुका रहा. इसके बाद रामसिंह मुंबई भाग गया. जहां उसने नया मोबाइल सिम लिया और कई जगहों पर लोकेशन बदलता रहा. आखिरकार पुलिस ने माउंट आबू में उसे पकड़ लिया. पूछताछ में रामसिंह ने हत्या की पूरी साजिश कबूल की. इसके बाद पुलिस ने प्रमोद कंवर को भी गिरफ्तार कर लिया.
कांकरोली थाना प्रभारी हंसराम सिरवी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, कार नंबर और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को ट्रेस किया. आखिरकार पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया. फिलहाल, प्रमोद कंवर और रामसिंह पुलिस हिरासत में हैं. उनसे पूछताछ जारी है. पुलिस मामले की गहन छानबीन कर रही है कि कहीं इसमें और लोग तो शामिल नहीं हैं.


