ड्रॉपआउट और नामांकन से वंचित बालिकाओं का बीडीईटी से विद्यालयों में होगा नामांकन

जयपुर ( दिव्यशंखनाद ) 06 जुलाई। सिक्किम के राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर ने शनिवार को बालोतरा के ग्राम पादरू में मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन द्वारा बालोतरा जिला शिक्षा परिवर्तन कार्यक्रम (बीडीईटी) के शुभारंभ समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन द्वारा अपनी मातृभूमि के लिए शिक्षा के क्षेत्र में जो अभिनव प्रयास प्रारंभ किए गए हैं उससे बालक-बालिकाओं एवं युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। इस फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों को वित्तीय मदद भी उपलब्ध करवायी गई है। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंच रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से समाज में परिवर्तन लाकर हर सामाजिक बुराई का अंत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बालक-बालिकाओं की शिक्षा के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रही है। राज्य के 4 हजार से अधिक विद्यालयों में 8 हजार से अधिक स्मार्ट क्लास रूम स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय समय के उपरांत सप्ताह में 5 दिन, सोमवार से शुक्रवार तक निर्धारित समय पर विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की ऑनलाइन लाइव कक्षा, विद्यार्थियों को ई-पाठशाला व्हाट्सअप चैनल तथा विद्यार्थियों के स्माइल व्हाट्सअप समूह पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा 88 हजार 800 मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट एवं साथ में इंटरनेट कनेक्शन निशुल्क दिए गए हैं। साथ ही, एनईपी 2020 के तहत 9 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2024 तक कक्षा 1 से 8 के छात्र-छात्राओं के लिए प्रखर राजस्थान रीड टू लीड कैंपेन चलाया था, जिसमें 42 लाख बच्चे लाभान्वित हुए। इसके साथ ही पुस्तकालयों को 43 लाख पुस्तकें पहुंचाई गईं।
ड्रॉपआउट और नामांकन से वंचित बालिकाओं का बीडीईटी से विद्यालयों में होगा नामांकन
श्री शर्मा ने कहा कि मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन द्वारा बालोतरा जिला शिक्षा परिवर्तन कार्यक्रम के रूप में शिक्षा एवं कौशल के लिए महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। इसमें घर-घर सर्वे कर ड्रॉपआउट और नामांकन से वंचित बालिकाओं की पहचान कर उनका विद्यालयों में नामांकन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शिक्षा तक ही नहीं बल्कि उन्हें रोजगार प्राप्त करने योग्य बनाने तक है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भामाशाहों से प्रदेश को शिक्षा में अग्रणी बनाने के राज्य सरकार के प्रयासों में सहभागी बनने की अपील की।


