राजस्थान में लोहे से लेकर सोने तक खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध

जयपुर ( दिव्यशंखनाद ) 08 जुलाई | राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में भारतीय खान ब्यूरो द्वारा आयोजित 7 और 5 स्टार रेटिंग वाली खदानों के सम्मान समारोह का आयोजन सोमवार को किया गया. कार्यक्रम में केन्द्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘स्टार रेटिंग ऑफ माइन्स’ के तहत प्रतिभागियों को सम्मानित किया.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान खनन क्षेत्र के विकास के लिए पारदर्शी प्रक्रियाओं, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा आधारभूत संरचना के विस्तार के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है. हमारा लक्ष्य है कि राजस्थान खनन में अग्रणी केंद्र बने. उन्होंने उद्यमियों से आह्वान करते हुए कहा कि राजस्थान में लोहे से लेकर सोने तक खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं. वे प्रदेश में निवेश करें, राज्य सरकार उन्हें हर संभव सहयोग देने के लिए कटिबद्ध है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान खनिजों का संग्रहालय है. आज प्रदेश में 57 प्रकार के धात्विक और अधात्विक खनिजों का दोहन किया जा रहा है. यहां उत्पादित खनिज देश के कुल खनिज उत्पादन मूल्य का 12 प्रतिशत हैं. उन्होंने कहा कि राजस्थान प्रधान खनिज के खनन पट्टों की नीलामी में शतक लगा चुका है. देशभर में आवंटित प्रधान खनिज के 500 ब्लॉक्स में से राजस्थान ने 20 प्रतिशत से अधिक यानी 100 से अधिक ब्लॉक्स आवंटित करने का कीर्तिमान बनाया है. साथ ही, राजस्थान में अप्रधान खनिज के 960 एवं क्वारी के 137 प्लाटों की सफलतापूर्वक नीलामी हो चुकी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार के समय वर्ष 2023-24 में माइनिंग रॉयल्टी के रूप में राजस्व 3 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ महज 7 हजार 460 करोड़ रुपये रहा. जबकि हमारे प्रयासों से 2024-25 में रॉयल्टी राजस्व 9 हजार 228 करोड़ रहा, जो गत वर्ष से 24 प्रतिशत अधिक था. यह रॉयल्टी राजस्व एक रिकॉर्ड है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, जिसके अंतर्गत अवैध खनन के खिलाफ तीन विशेष अभियान चलाए गये हैं.


