जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक

राजसमन्द ( दिव्य शंखनाद ) 09 जुलाई। जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में समस्त ग्रामीण एवं शहरी जल परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, हैण्डपम्पों की मरम्मत, एफएचटीसी कनेक्शनों की प्रगति सहित विभिन्न मुद्दों पर पीएचईडी सहित अन्य विभागों के अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की गई।
जब अधिकारियों ने जिले में विभिन्न स्तरों पर जारी कार्यों के बारे में अवगत कराया तो हसीजा ने कहा कि जल के क्षेत्र में राजसमंद का भविष्य उज्ज्वल है, जरूरत है कि सरकार की मंशा अनुसार सभी पेंडिंग कार्य जल्द से जल्द पूर्ण हो। बैठक में बाघेरी का नाका बांध आधारित प्रोजेक्ट, भीम-देवगढ़-चम्बल आधारित परियोजना, जाखम बांध आधारित परियोजना, वृहद परियोजनाओं के अलावा अन्य परियोजनाओं, डीएमएफटी के कार्यों सहित प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की गई|
बाघेरी-चिकलवास परियोजना की समीक्षा के साथ-साथ कलक्टर ने भीम-देवगढ़-चम्बल जलापूर्ति परियोजना की भी गहन समीक्षा की। इस परियोजना पर प्रोजेक्ट डिवीजन माँडलगढ़ के अंतर्गत कार्य प्रगति की जानकारी ली गई।
हैण्डपम्पों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के दौरान विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि शहरी क्षेत्र में कुल 748 हैण्डपम्प स्थापित हैं, जिनमें से 12 नकारा, 23 सूखे, एवं 713 कार्यशील हैं। ग्रामीण क्षेत्र में कुल 14,326 हैण्डपम्प हैं, जिनमें से 2,377 नकारा/सूखे एवं 11,949 कार्यशील हैं। हैण्डपम्प मरम्मत अभियान के तहत शहरी क्षेत्र में खराब पाए गए 739 हैण्डपम्पों में से 729 की मरम्मत कर कार्यशील किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में खराब पाए गए 11,351 हैण्डपम्पों में से 11,331 की मरम्मत पूर्ण कर चालू किया जा चुका है।


