मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय

जयपुर ( दिव्यशंखनाद ) 15 जुलाई | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में नियोजित नगरीय विकास को प्रोत्साहन देने, मेडिकल ट्यूरिज्म को बढ़ावा देने, अक्षय ऊर्जा सहित ऊर्जा क्षेत्र के विकास, कर्मचारी कल्याण एवं विभिन्न संवर्गों के कार्मिकों के लिए पदोन्नति के अधिक अवसर उपलब्ध करवाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए।
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चन्द बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप राजस्थान को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे के साथ प्रमुख मेडिकल टूरिज्म हब बनाने के उद्देश्य से मंत्रिमण्डल की बैठक में मेडिकल वैल्यू ट्रेवल पॉलिसी (हील इन राजस्थान नीति-2025) के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि हील इन राजस्थान नीति-2025 से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के साथ एमवीटी से जुड़े डिजिटल इकोसिस्टम का विकास सुनिश्चित होगा। मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित हो सकेंगे। पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों जैसे आयुर्वेद, योग, यूनानी, और सिद्ध को भी बढ़ावा दिया जायेगा। इस पॉलिसी के तहत एक समर्पित एमवीटी सेल की स्थापना की जायेगी तथा एमवीटी सुविधा प्रदाता और सेवा प्रदाताओं को प्रमाणित किया जायेगा। पॉलिसी के तहत एमवीटी पोर्टल और मोबाइल एप विकसित किया जायेगा एवं टेलीमेडिसिन, बायोटेक्नोलॉजी और एप-आधारित डायग्नोस्टिक्स में प्रगति को बढ़ावा दिया जायेगा।
टाउनशिप पॉलिसी-2024 का अनुमोदन
संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए नियोजित विकास को बढ़ावा देने के लिए नवीन टाउनशिप पॉलिसी-2024 लाई जाएगी।
औद्योगिक योजनाओं में श्रमिकों के निवास हेतु न्यूनतम 5 प्रतिशत क्षेत्रफल के भूखण्ड का प्रावधान किया गया है
राजस्थान सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन, (सीजीडी) नीति, 2025 का अनुमोदन
गोदारा ने बताया कि गैस आधारित अर्थव्यवस्था को बढावा देने के लिए राजस्थान सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नीति, 2025 का अनुमोदन भी आज मंत्रिमंडल द्वारा किया गया। इससे राज्य में कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी और स्वच्छ, सुरक्षित व पर्यावरण अनुकूल प्राकृतिक गैस की पहुंच आमजन तक सुलभ हो सकेगी।


