मंदिर अधिकारी के नेतृत्व में सेवा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन

नाथद्वारा ( दिव्य शंखनाद ) १७ जुलाई | पुष्टिमार्ग की प्रधान पीठ प्रभु श्रीनाथजी की हवेली की संन्दर्भ में हाल ही में सौंपे गए भ्रामक व मिथ्या प्रचार के सन्दर्भ में श्रीजी मंदिर के सेवक गण व बृजवासी सेवक वर्ग में आक्रोश है। इसी संदर्भ में मंदिर के सेवक वर्ग ने 17 जुलाई 2025 गुरुवार को जिलाधीश कार्यालय जाकर जिलाधीश महादेय को भ्रामक तथ्यों क प्रत्युत्तर में तथ्यों सहित एक संज्ञान पत्र सौंपा है।
जिससे बताया गया है कि वैष्णव जन एवं नगर वासीयों में किसी भी प्रकार की गलतफहमी नहीं हो। श्रीजी प्रभु की सेवा आज से लगभग तीन सौ बावन वर्षों से अबाध गति से निरन्तर होती आ रही है व समयानुसार व्यवस्थाओं में समय की मागं व वैष्णव जन की सुविधा व प्रभु के सुखार्थ सेवा एवं व्यवस्थाओं में परिवर्तन होते रहें हैं, आज वर्तमान में ऐसे कई बिन्दु है जिन पर भामक प्रचार द्वारा वैष्णव जन को भ्रमित किया जा रहा है। जबकि वास्तविकता कुछ और है।

श्रीजी प्रभु की सेवा में प्रभु के सुखार्थ तिलकायत श्री की आज्ञा व युवाचार्य गो. चि. 105 श्री विशाल बावा की प्रेरणा से प्रभु की सेवा में निरंतर नवाचार हो रहे है, जिससे की प्रभु की सेवा में सर्वोत्तम वस्तु को अंगीकार कराया जा सके। प्रभु के प्रिय वैष्णव जन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चाहे उनके दर्शन की सुविधा हो और उनके निवास से सम्बंधित विषय हो, प्रभु की सम्पदा की सुरक्षा, संरक्षण व विकास का विषय हो सभी बातों को दृष्टिगत रखते हुए तिलकायत श्री द्वारा मन्दिर ही नहीं अपितु सम्पूर्ण नगर के विकास फिर चाहे वह शिक्षा के मन्दिर हो हमारी कला संस्कृति हो सभी के संरक्षण व उनके विकास का प्रयास किया जा रहा है।
किसी भी प्राचीन भवन जो हेरिटेज की श्रेणी में है उसके तोडफाडे व परिवर्तन के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण एएसआई की अनुमति आवश्यक है। और उसे केंद्र या राज्य सरकार द्वारा गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से हेरिटेज घोषित किया गया हो| इस प्रकार का कोई भी कार्य अभी तक मंदिर मण्डल द्वारा नही किया गया है।
वर्तमान की परिस्थितियों एवं आए दिन धार्मिक स्थलों पर जन हानि की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए श्रीजी प्रभु में दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से हो व किसी भी प्रकार की भीड की वजह से कोई दूर्घटना न हो इसलिये बेरिकेडिंगं जो कि दर्शनार्थियों की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए सर्वोत्तम व्यवस्था है, जिससे कि सभी वैष्णव जन संतुष्ट है।
आज कोई भी धार्मिक स्थल हो वहाँ की व्यवस्था व विकास बिना अर्थ के सम्भव नहीं है। यहाँ तो श्रीजी प्रभु के सम्मुख दर्शन की भेंट वैष्णव की सामर्थय के अनुसार इतनी कम है कि कोई भी प्रभु के सम्मुख दर्श न कर सकता है मात्र प्रथम एवं द्वितीय लाइन ही मनारेथियों की है अन्य सभी लाइन निःशुल्क दर्शनार्थ आज भी चल रही है , भेंट लाइन कितनी रहेगी यह गाइडलाइंस भी माननीय उच्च न्यायालय द्वार निर्र्देषित की गई है । और तो और उन से अर्जित द्रव्य से स्कूल, पशु चिकित्सालय, नगर विकास हेतु मंडल द्वारा दिया गया है|

ज्ञातव्य है टेम्पल बॉर्ड द्वारा प्राटोकॉल पास व दर्शन पर भी अंकुश लगाया है, हाल ही में बोर्ड द्वारा यह निर्णय लिया गया कि एक दिन में प्राटोकॉल के निश्चित संख्या में ही पास जारी किये जाए, जिससे कि दर्शन व्यवस्था में अधिक से अधिक दर्शनार्थि यों को सम्मुख दर्शन कराए जा सके।
इस अवसर श्रीनाथजी मंदिर के अधिकारी सुधाकर उपाध्याय, सहायक अधिकारी अनिल सनाढ्य, तिलकायत के सचिव लीलाधर पालीवाल, पूर्व आईएएस एवं मंदिर प्रशाषक भारत भूषण व्यास, समाधानी उमंग मेहता सहित अन्य सेवकगण उपस्थित रहे।
यह उल्लेखनीय है कि हाल ही में गत 12 जुलाई 2025 को श्रीनाथजी मंदिर की व्यवस्थाओं और धरोहर संरक्षण को लेकर मेवाड़ वैष्णव परिषद् ने जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा था।


