श्रीजी प्रभु की हवेली में दर्शन व्यवस्था समिति एवं नागरिक सुविधा एवं सहयोग समिति के गठन में स्थानीय वैष्णव एवं नागरिक होंगे सदस्य

नाथद्वारा ( दिव्यशंखनाद ) 25 जुलाई | यतो धर्मः ततो जयः यः कालानुगत: पंथाः स एवं शुभदायक, काल विपरीते कर्तव्यन साधुनाम मतं मतम… अर्थात जो मार्ग समय अनुसार होता है वही कल्याणकारी होता है| समय के प्रतिकूल कार्य करना सज्जनों की दृष्टि में उचित नहीं । इसी भाव से पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ प्रभु श्रीनाथजी की हवेली में हो रहे नवाचारों की अंतर्गत श्रीजी प्रभु की हवेली के पीठाधीश्वर गो.ती.108 श्री राकेश जी (श्री इंद्रदमन जी) महाराज श्री की आज्ञा एवं गो.चि.105 श्री विशाल जी (श्री भूपेश कुमार जी) बावा श्री की प्रेरणा से श्रीजी प्रभु की हवेली में वैष्णव जन एवं स्थानीय नागरिकों के दर्शन व्यवस्था, नगर विकास व सुविधा को ध्यान में रखते हुए नाथद्वारा मंदिर बोर्ड के अधिकारियों और विभिन्न हितधारकों जैसे प्रबुद्ध नागरिकों,मीडिया व्यक्तित्व, व्यापार एवं उद्योग के प्रतिनिधियों तथा पधारने वाले वैष्णवों के बीच विस्तृत विचार विमर्श हुआ और प्राप्त सुझावों और प्रतिक्रिया के आधार पर एक तात्कालिक अंतिम उपाय के रूप में पूज्यपाद तिलकायत श्री की आज्ञा एवं श्री विशाल बावा की प्रेरणा से दो समितियां के गठन की स्वीकृति प्रदान की गई ।
पुष्टिमार्ग एक अद्वितीय संप्रदाय है जहां प्रभु सेवा में श्रेष्ठ से श्रेष्ठ सामग्री तथा सेवा सुविधा हेतु उत्तम से उत्तम व्यवस्था एवं अधोसंरचना को स्वीकार किया जाता रहा है। पूर्व समय से व्यवस्था में परिवर्तन होते रहे हैं अतः नाथद्वारा जैसे प्रतिष्ठित मंदिर में दर्शन और आधारभूत ढांचे से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं में समय-समय पर परिवर्तन और सुधार आवश्यक हो जाता है। इन्हीं बातों को मद्देनजर रखते हुए तिलकायत श्री की आज्ञा एवं श्री विशाल बावा की प्रेरणा से दो नागरिक समितियों का गठन करने की तिलकायत श्री द्वारा आज्ञा प्रदान की गई। समिती में मंदिर बोर्ड के कार्यकारी अधिकारी एवं श्रीजी मंदिर के सेवकों के साथ-साथ नाथद्वारा नगर के वैष्णव एवं प्रबुद्ध नागरिक जन भी उसके सदस्य होंगे जिनके सुझावों के आधार पर व्यवस्था में सुधार एवं परिवर्तन की अपेक्षा रहेगी।
समितियों में प्रमुख रूप से 1.”दर्शन व्यवस्था सर्वांगीण विकास समिति”जिसका कार्य वर्तमान दर्शन व्यवस्था की समीक्षा करना आवश्यक परिवर्तन उपाय तथा सुधार के संदर्भ में सुझाव एवं वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांग वैष्णव, स्थानीय नागरिकों और सामान्य वैष्णव जन की व्यवस्था से संबंधित होगी जो अपनी अंतरिम रिपोर्ट तिलकायत महाराज श्री को सौंपेगी।
2. “श्रीनाथजी नागरिक सुविधा एवं सहयोग समिति” यह समिति नागरिकों की शिकायतों और सुविधाओं संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु एक सक्रिय और प्रभावशाली प्रणाली पर कार्य करेगी साथ ही वैष्णव सुख के लिए भविष्य में दी जाने वाली सुविधाओं सफाई और स्वच्छता जैसी सेवाओं के सुधार हेतु सुझाव देगी यह मंदिर बोर्ड से संबंधित मास्टर प्लान व्यवस्थाओं की भी समीक्षा करेगी।
इस अवसर पर श्री विशाल बावा ने अपने उद्बोधन में विशेष रूप से कहा “जहां निरंतर परिवर्तन हो,जहां संकल्प समय के साथ चले वही संस्था श्रेष्ठ होती है ना कि जहां जड़ता बनी रहे”।
इन समितियो के गठन का मुख्य उद्देश्य श्रीजी प्रभु की हवेली में प्रभु की सेवा व्यवस्था,दर्शन व्यवस्था, वैष्णव जन की सुविधा में सुधार एवं सरलता हो सके। इन समितियां में नाथद्वारा नगर से वैष्णव एवं नागरिकों के रूप में प्रमुख रूप से नौ व्यक्तियों का चयन किया जाएगा यह नामांकन शीघ्र ही पूज्यपाद तिलकायत श्री द्वारा शीघ्र घोषित किए जाएंगे व नामांकन के पश्चात समितियां शीघ्र अपना कार्य आरंभ करेंगी। समितियो की रिपोर्ट केवल अनुशंसा स्वरूप होगी जिसमें अंतिम निर्णय पूज्यपाद श्री तिलकायत महाराज श्री द्वारा लिया जाएगा।


