
नाथद्वारा ( दिव्यशंखनाद ) 26 जुलाई | जिले की अग्रणी शिक्षण संस्था दी क्रिएटिव ब्रेन एकेडमी सीनियर सैकण्डरी स्कूल में कारगिल विजय दिवस पर विद्यार्थियों द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। सीबीए की चेतना शर्मा ने बताया कि कारगिल विजय दिवस पर विद्यार्थियों को कारगिल के इतिहास से रूबरू करवाने तथा इस अभियान में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से विद्यालय में कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
जिसके परिणाम स्वरूप क्लास फर्स्ट में अधिरा राठौड ने प्रथम, गौरवी मित्तल ने द्वितीय व शिवन्या शर्मा व नीरजा बारहठ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया एवं कुलगौरवी कुंवर व जेनिथ बोहरा को कॉन्सोलेशन प्राईज दिया गया। क्लास सेकण्ड में लियोना जैन ने प्रथम, भव्यांशी बडोला ने द्वितीय तथा हिरल जडिया तथा कृष्निधि कुमावत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया व दिव्यांश रांका तथा प्रियांशी राठौड़ कॉन्सोलेशन प्राईज मिला। क्लास थर्ड में प्रबुद्ध माहेश्वरी ने प्रथम, सावी शर्मा ने द्वितीय व शिवांश टेलर व सोमांश बंसल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया साथ ही लक्ष्यराज पुरोहित को कॉन्सोलेशन प्राईज दिया गया। क्लास फोर्थ में तमन्ना मालपानी ने प्रथम, प्रणवी माहेश्वरी ने द्वितीय तथा दिव्यांशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया तथा प्रणव मंत्री ने कॉन्सोलेशन प्राईज प्राप्त किया।
क्लास फिफ्थ में राही माहेश्वरी ने प्रथम, नविशा सुराणा व पुष्टी सना-सजय्य ने द्वितीय तथा अनाया सिंघवी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। क्लास सिक्स में परीन कोठारी ने प्रथम, देवराज सिंह चौहान ने द्वितीय तथा दृष्टि मूंदडा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। क्लास सेवन में पंखु जैन ने प्रथम, अनुकृति मालपानी ने द्वितीय तथा हर्षिका सैनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया एवं लविषा राठी को कॉन्सोलेशन प्राईज दिया गया। सीनियर वर्ग में दक्ष माहेश्वरी ने प्रथम, भूमिका चौधरी ने द्वितीय तथा जिया बोलिया व रेयांशी माहेश्वरी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया एवं अं-रु39याु चौधरी को कॉन्सोलेशन प्राईज दिया गया।
साथ ही निदेशक शिवहरि शर्मा व प्रशासिका शीतल गुर्जर ने अपने उद्बोधन में -रु39याहीदों के बलिदान को याद करते हुए, उनके प्रति कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करने हेतु प्रेरित करते हुए कहा कि उनकी निस्वार्थ सेवा और संघ-ुनवजर्या ने हमें यह सिखाया है कि सच्चे नायक वे होते हैं जो अपने दे-रु39या के लिए अपनी जान की बाजी लगाते हैं। हमारे स-रु39यास्त्र बलों की बहादुरी की कहानियाँ हमें प्रेरित करती हैं। वे हमें यह दिखाते हैं कि कठिनाइयों का सामना कैसे करना चाहिए और अपने दे-रु39या के प्रति समर्पण का वास्तविक अर्थ क्या होता है। हमें उनके द्वारा दिखाए गए साहस और बलिदान की सराहना करते हुए दे-रु39या को प्रगति की नई ऊँचाइयों पर ले जाने का हर संभव प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम का संयोजन गरिमा जोशी, सुरभि जोशी, हेमलता मण्डोवरा, तमन्ना जोशी, मानसी पारीख, अम्बिका शर्मा व प्रज्ञा जैन ने किया।


