पुष्टिमार्ग में सेवा ही साधना —श्री विशाल बावा

नाथद्वारा ( दिव्य शंखनाद ) 27 जुलाई | नाथद्वारा मंदिर मंडल की पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता तथा पूज्य प्रचारक महाराज श्री विशाल बावा साहब के स्वच्छ और हरित नाथद्वारा के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, ठकुरानी तीज के पावन अवसर पर तिलकायत गोस्वामी महाराज श्री ने बोर्ड अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नाथद्वारा एवं इसके आसपास की बावड़ियां सहित जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए योजनाएं बनाएं।
इस दिशा में प्रथम चरण के रूप में, श्री विशाल बावा साहब ने स्थानीय निजी व्यक्तियों / स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से सेठ-सेठानी बावड़ी की सफाई, पुनर्जीवन एवं उन्नयन की घोषणा की है। इस उद्देश्य हेतु आज एक कार्यदल का गठन किया गया है, जो इस कार्य को यथार्थ में अंजाम देगा। इसके पश्चात यह प्रयास अन्य बावलियों तक भी विस्तारित किया जाएगा।
ठकुरानी तीज के इस शुभ अवसर पर, तिलकायत महाराजश्री ने बोर्ड अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया है कि वे बनास नदी के एक हिस्से की सफाई तथा घाटों के सुधार हेतु एक समग्र योजना तैयार करें, जिससे जनसमर्थन इस पुण्य कार्य के लिए प्राप्त हो सके और आगामी वर्ष से नियमित रूप से यमुनाजी (बनास) की संध्या आरती आयोजित की जा सके।
मंदिर मंडल ने यह भी निर्णय लिया है कि राज्य सरकार से आग्रह किया जाएगा कि वह उन दो प्रमुख नालों का विकास करे जो नाथद्वारा नगर से होकर गुजरते हैं और वर्तमान में स्वस्थ स्थिति में नहीं हैं। इस अवसर पर श्री विशाल बावा ने विशेष रूप से नाथद्वारा नगर वासियों से आवाह्न किया है कि मिशन से ज्यादा से ज्यादा संख्या में जुड़कर प्रभु की जल संपदा का संरक्षण एवं स्वच्छ करने के लिए प्रयास करें।


