मार्गशीर्ष की अमावस्या से प्रभु सांवरिया सेठ में श्याम घटा सेवा प्रारंभ करने का प्रस्ताव, नाथद्वारा की गौशाला मॉडल अपनाएगा सांवलिया सेठ मंदिर

नाथद्वारा( दिव्य शंखनाद ) 28 जुलाई | पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ प्रभु श्री नाथ जी की हवेली में दि.28/07/2025,सोमवार श्रावण शुक्ल चतुर्थी को दोप्रहर मोती महल, नाथद्वारा में मंडफिया स्थित सांवलिया मंदिर मंडल के बोर्ड सदस्यों ने श्रीजी प्रभु की हवेली एवं पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ के पीठाधीश्वर के सुपुत्र युवाचार्य गोस्वामी चि.105 श्री विशाल जी बावा के साथ सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर सांवरिया जी बोर्ड के अध्यक्ष श्री हजारी दास वैष्णव, कपासन विधायक श्री अर्जुन लाल जी तथा अन्य बोर्ड सदस्य उपस्थित रहे।
प्रारंभ में चिरंजीवी श्री विशाल बावा साहब ने पूज्यपाद श्री तिलकायत गोस्वामी महाराज के आशीर्वाद एवं नाथद्वारा मंदिर बोर्ड की ओर से सांवरिया जी बोर्ड के नए बोर्ड सदस्यों को एक उद्देश्यपूर्ण कार्यकाल के लिए अभिवादन एवं शुभकामनाएं प्रेषित की।
इस अवसर पर श्री विशाल बावा साहब ने अपने उद्बोधन में यह उल्लेख किया कि वर्तमान में राजस्थान में केवल दो मंदिर ही राज्य विधानमंडल द्वारा अधिनियमित हैं— श्रीनाथजी मंदिर एवं श्री सांवलिया सेठ मंदिर। इस सामान्यता को दृष्टिगत रखते हुए, अनुभवों और शिक्षाओं के आदान-प्रदान की अपार संभावनाएं हैं।
चर्चा के दौरान चि. बावासाहब ने उल्लेख किया कि आज से लगभग 500 वर्ष पूर्व वि. 1545 में श्रीमद् वल्लभाचार्य जी जब श्री जगन्नाथ धाम पधारे और वहाँ शास्त्रार्थ में विजय हुए तब प्रसन्न होकर प्रभु जगदीश ने श्रीनाथजी तथा पुष्टिमार्ग में रथ यात्रा का उत्सव की आज्ञा की व एकादशी जगदीश में नहीं होती है अतः श्रीनाथजी में भी नहीं होनी चाहिए । साग(सब्जी) का भोग जगन्नाथ प्रभु विशेष रूप से आरोगते हैं अतः श्रीजी में भी विशेष आरोगने चाहिए। इसलिए श्रीजी प्रभु में राजभोग के सकडी महाप्रसाद एवं शयन भोग में भी विशेष रूप से शाक अरोगाया जाता है।
सत्संग के दौरान बावा श्री ने आग्रह किया की जब मेवाड़ के दो मंदिर मिल रहे हैं तो सेवा का भी आदान प्रदान हो । उसी क्रम में श्रीनाथजी मंदिर की और से भक्ति भाव पूर्ण प्रभु सांवलिया सेठ को मार्गशीर्ष की अमावस्या पर श्याम घटा अंगीकार करने का प्रस्ताव चि. बावा साहब ने रखा जिसे संपूर्ण बोर्ड ने श्रीजी प्रभु की इच्छा मानकर स्वीकार किया व सांवरिया जी के श्याम घटा के वस्त्र की सेवा प्रभु श्रीनाथजी के यहां से सांवरिया जी को अंगीकार कराने की भावना को व्यक्त किया।
भेंट एवं दान के प्रबंधन हेतु भंडार एवं हुंडी पर भी चर्चा हुई। जो परंपरागत रूप से तिरुपति मंदिर देवस्थानम में प्रचलित है और जिसे वल्लभ संप्रदाय के कुलदेव में प्राचीन परंपरा में भी मान्यता प्राप्त है। इस अवसर पर सावरिया मंदिर बोर्ड के अध्यक्ष हजारी दास जी वैष्णव एव कपासन विधायक अर्जुन जी ने श्रीजी प्रभु की गौशाला व्यवस्था एवं गौ माता की खूब जमकर तारीफ की एवं उन्होंने यहां की प्रणाली को सांवरिया जी में लागू करने एवं गौशाला की व्यवस्था को अपनाने की बात भी कहीं।

नाथद्वारा मंदिर बोर्ड ने तकनीकी सुधारों और पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में विशेष रूप से वृक्षारोपण,वन संरक्षण एवं ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र जो प्रगतिशील पहल की है, उसका आदान-प्रदान भी उपयोगी रहेगा। वहीं सांवलिया सेठ मंदिर नाथद्वारा मंदिर परिसर और उससे जुड़ी अधोसंरचना के विकास में सहयोग कर सकता है। उन्होंने सांवरिया जी एवं श्रीजी प्रभु के वैष्णवन जन के दर्शन के लिए परिवहन व्यवस्था को शुरू करने का प्रस्ताव भी दिया।
सांवलिया मंदिर मंडल के पदाधिकारियों ने अपने मंदिर कॉरिडोर विकास की उपलब्धियों को साझा किया और तत्पश्चात उन्होंने नाथद्वारा मंदिर बोर्ड द्वारा विकसित आईटी अधोसंरचना का संक्षिप्त अवलोकन भी किया।
इस बात पर भी सहमति बनी कि राजस्थान भारत का धार्मिक केंद्र बन सकता है, जिसकी आध्यात्मिक राजधानी नाथद्वारा हो। इस दिशा में दोनों बोर्ड राज्य सरकार के समक्ष धार्मिक सर्किट्स के विकास तथा धार्मिक पर्यटन को संगठित रूप से विकसित करने हेतु व्यापक प्रयासों का प्रस्ताव रखने पर सहमत हुए।

इस अवसर पर सांवरिया मंदिर बोर्ड के सदस्यों ने श्री विशाल बावा का स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा प्रभु सांवरिया सेठ की छवि एवं प्रसाद प्रदान कर उनसे आशीर्वाद लिया।
श्री विशाल बावा ने भी संपूर्ण बोर्ड सदस्यों को ऊपरना ओढ़ाकर एवं श्रीजी प्रभु का प्रसाद प्रदान कर एवं श्रीजी प्रभु की छवि प्रदान कर समाधान किया एवं आशीर्वाद प्रदान किया । इस अवसर पर हजारी दास जी वैष्णव, कपासन विधायक अर्जुन जी, सांवरिया मंदिर की सीईओ प्रभा गौतम, रतन गाडरी, पवन तिवारी आदि सदस्य उपस्थित थे।
इस अवसर पर श्रीनाथजी मंदिर के अधिकारी सुधाकर उपाध्याय, मंदिर के मुख्य प्रशासक भारत भूषण व्यास,मंदिर के सहायक अधिकारी अनिल सनाढ्य, तिलकायत श्री के सचिव लीलाधर पुरोहित,समाधानी उमंग मेहता,मंदिर के मीडिया प्रभारी गिरीश व्यास, कैलाश पालीवाल,जनम गांधी, गोपी वर्मा आदि वैष्णव जन उपस्थित थे।


