
नई दिल्ली ( दिव्य शंखनाद ) 30 जुलाई| रूस के कामचटका प्रायद्वीप में बुधवार सुबह 8.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिससे न केवल रूस बल्कि जापान, अमेरिका और अन्य प्रशांत तटीय देशों में भी सुनामी का खतरा मंडराने लगा। भूकंप का केंद्र जमीन से 19.3 किमी नीचे था।
सेवेरो-कुरीलस्क जैसे तटीय इलाकों में इमारतें गिर गईं, बिजली बाधित हुई और समुद्र में 3-4 मीटर ऊँची लहरें उठीं। जापान में 20 लाख से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए, परमाणु संयंत्र खाली कराया गया और हाई-स्पीड ट्रेनों को रोका गया। अमेरिका के हवाई द्वीप में आपातकाल घोषित कर लोगों को समुद्र से दूर रहने की चेतावनी दी गई। यह भूकंप अब तक के छठे सबसे शक्तिशाली भूकंपों में गिना गया है। विशेषज्ञ इसे “मेगाथ्रस्ट भूकंप” मान रहे हैं, जिससे आफ्टरशॉक्स और सुनामी लहरों का खतरा अगले 48 घंटे तक बना रह सकता है|
घरों के अंदर अलमारियां गिर गईं, शीशे टूट गए, इमारतों एवं कारें जोर-जोर से हिलने लगीं| कामचटका क्षेत्र की राजधानी में बिजली गुल होने और मोबाइल फोन सेवा ठप होने की भी खबर है|

