शेखावाटी-बीकानेर संभाग में अलर्ट, नदियां उफान पर, पार्वती बांध के गेट खुले

जयपुर ( दिव्यशंखनाद ) 01 अगस्त | राजस्थान में इस साल मानसून ने बीते 69 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है| शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, जुलाई में औसत 285 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 77% अधिक है| इससे पहले, वर्ष 1956 में 308 मिमी की रिकॉर्ड बारिश हुई थी| जयपुर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर, सवाई माधोपुर, टोंक और अजमेर सहित कई जिलों में जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है| सरकारी राहत और बचाव टीमें लगातार काम कर रही हैं, लेकिन लगातार बारिश की वजह से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं. मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया है और अगले 24 घंटों में और तेज बारिश की संभावना जताई है|
मौसम केंद्र जयपुर ने 1 अगस्त को 6 जिलों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है. बाकी जिलों में मौसम शुष्क रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की बात कही गई है.
मौसम केंद्र जयपुर ने 1 अगस्त को शेखावाटी क्षेत्र और बीकानेर संभाग में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। हालांकि, 2 अगस्त से अधिकांश भागों में भारी बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है. 3 से 6 अगस्त के बीच भरतपुर और जयपुर संभाग में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. विभाग ने अगस्त महीने में जयपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर और बीकानेर में सामान्य से अधिक बारिश होने का भी अनुमान लगाया है.
लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश की नदियां उफान पर हैं, जिससे कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है| पार्वती बांध के चार गेट खोले जाने के बाद हालात और भी गंभीर हो गए हैं, जिसके चलते सेना को बचाव अभियान (रेस्क्यू ऑपरेशन) के लिए बुलाया गया है|
गाँवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया। कई घर पानी में डूब गए। कुल 24 गाँवों की लगभग 2500 आबादी को स्कूल, आँगनवाड़ी समेत ऊँचे स्थानों पर ठहराया गया। राजाखेड़ा उपखंड सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ। वहीं, बाढ़ के हालात को देखते हुए ज़िला प्रशासन ने सेना बुला ली है।
हाड़ौती संभाग में कालीसिंध, पार्वती, परवन, खटफड़, बारनी, बाणगंगा समेत सभी नदियाँ उफान पर हैं। इससे श्योपुर, झालावाड़, गुना आदि के रास्ते अवरुद्ध हो गए। बूंदी ज़िले में लाखेरी के पास मेज नदी की पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। बारां ज़िले के छबड़ा के गुगोर किले की दीवार का एक हिस्सा ढह गया।
मौसम केंद्र के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उससे सटे पूर्वी राजस्थान पर एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से जयपुर संभाग और बीकानेर संभाग के शेखावाटी क्षेत्र में कुछ स्थानों पर भारी-बहुत भारी बारिश और अजमेर, कोटा, भरतपुर संभाग में कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। 2 अगस्त को राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश से राहत मिलने की संभावना है।
धौलपुर एसडीआरएफ और नागरिक सुरक्षा कर्मियों ने राजाखेड़ा, धौलपुर और बाड़ी उपखंड के प्रभावित गाँवों में बचाव अभियान चलाया और फँसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया। धौलपुर जिले में चंबल नदी खतरे के निशान से करीब 12 मीटर ऊपर बह रही है. निचले इलाकों में पानी भरने से कई बस्तियां डूब गई हैं, जिसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सेना को बुलाया गया है. पार्वती बांध के चार गेट खोले गए हैं जिससे आसपास के क्षेत्रों में और जल स्तर बढ़ने की आशंका है.

