इमारतें भूकंपरोधी और दिव्यांगजनों के लिए अनुकूलित सुविधाओं से युक्त

नई दिल्ली ( दिव्य शंखनाद ) 11 अगस्त | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली के बाबा खड़क सिंह मार्ग पर सांसदों के लिए निर्मित 184 टाइप-VII बहुमंजिला फ्लैट्स का उद्घाटन किया। उन्होंने परिसर में सिंदूर का पौधा रोपा, श्रमिकों से बातचीत की और सभा को संबोधित किया।
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और किरेन रिजिजू भी उपस्थित थे।यह आवासीय परिसर विशेष रूप से सांसदों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। प्रत्येक फ्लैट में तकरीबन 5,000 वर्ग फुट का कार्पेट क्षेत्र है, जिसमें कार्यालय और स्टाफ के लिए अलग स्थान भी शामिल है। यह परियोजना जीआरआईएचए 3-स्टार रेटिंग और राष्ट्रीय भवन संहिता (एनबीसी) 2016 के अनुरूप है। इमारतें भूकंपरोधी हैं और दिव्यांगजनों के लिए अनुकूलित सुविधाओं से युक्त हैं।

पीएम ने कहा कि इन 4 टॉवर्स के नाम भी बहुत सुंदर हैं- कृष्णा, गोदावरी, कोसी, हुगली, भारत की चार महान नदियां, जो करोड़ों लोगों को जीवन देती हैं| अब उनकी प्रेरणा से हमारे जन प्रतिनिधियों के जीवन में भी आनंद की नई धारा बहेगी|
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को परेशानी भी होगी. कोसी नदी पर नाम रखा है, तो उनको कोसी नदी नहीं दिखेगी, उनको बिहार का चुनाव नजर आएगा. ऐसे छोटे मन के लोगों के मन की परेशानियां भी दिखेंगी. नदियों के नामों की परंपरा देश को एकता के सूत्र में हमें बांधती है
इन फ्लैटों का निर्माण पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इनमें हरित प्रौद्योगिकी का उपयोग किया गया है, जिससे ऊर्जा की बचत होगी, नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन होगा और कचरे का उचित प्रबंधन होगा। इन इमारतों के निर्माण में विशेष और उन्नत निर्माण तकनीक का उपयोग किया गया है, जिसके कारण ये बेहद मजबूत और भूकंपरोधी हैं। साथ ही, यहाँ एक मजबूत सुरक्षा प्रणाली भी स्थापित की गई है।
यह परिसर दिव्यांगजनों के लिए भी पूरी तरह से सुविधाजनक है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। परिसर में कार्यालयों, कर्मचारियों के आवास और एक सामुदायिक केंद्र के लिए अलग से जगह भी है, जो सांसदों को अपना काम करने में मदद करेगा।
यह परियोजना इसलिए शुरू की गई क्योंकि सांसदों के लिए अच्छे आवास की कमी थी। कम जगह होने के कारण, इमारत को ऊँचा बनाया गया है, ताकि ज़मीन का बेहतर उपयोग हो सके और रखरखाव का खर्च भी कम हो। पीएम मोदी ने कहा कि इस बहुमंजिला इमारत में 180 से ज़्यादा सांसद एक साथ रह सकेंगे. इन नए आवासों का एक महत्वपूर्ण आर्थिक पहलू भी है. कर्तव्य भवन के उद्घाटन के दौरान, मैंने बताया था कि किराए के भवनों में संचालित कई मंत्रालयों पर सालाना लगभग ₹1,500 करोड़ का किराया आता है. यह देश के पैसे की सरासर बर्बादी है. इसी तरह, सांसदों के लिए पर्याप्त आवास की कमी के कारण भी सरकारी खर्च बढ़ रहा है.

