
नाथद्वारा ( दिव्यशंखनाद ) 13 अगस्त | श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के उपलक्ष्य में मन्दिर मण्डल के पुष्टि प्रसार प्रकोष्ठ द्वार वल्लभ विलास में आयोजित भजन संगीत प्रतियोगिता में प्रतियोगी ने संगीत के साथ ”एसी लागी लगन मीरा हो गई मगन“ भजन की जब लयबद्ध प्रस्तुती की | तब श्रोता भाव विभोर हो गयें।

पुष्टि प्रसार अधिकारी दयाशंकर पालीवाल ने बताया कि स्थानीय एवं बाहर की संस्थाओं और मुम्बई , पूणे तक से आये विभिन्न वर्गो के संभागियों ने हारमोनियम और तबले की संगत के साथ ”मेरे बांके बिहारी लाल………., मीठे रस से भरोड़ी राधा रानी लागे….., अच्युत्तम केशवम………. श्याम ने छेडा तराना…इक राधा इक मीरा………., सांवरे को दिल में बसा के देखा…., राधा का श्याम
दिवाना“…… जैसे एक से बढ़कर एक सरस भजनों की प्रस्तुति की।
प्रतिभागियों की सुमधुर राग में श्रीकृष्ण के विविध भजनों की लय व ताल के साथ भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने सभी को रससिक्त कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीनाथजी मन्दिर के बडे मुखिया बावा इन्द्रवदन गिरनारा, विशेष अतिथि प्रमोद सनाढ्य, भागवत कार पं. मदन मोहन शर्मा, डा. रचना तैलंग, उमा बेन रूपारेल, डा. भगवान लाल थे| जब कि अध्यक्षता जाने-माने गीतकार कवि गिरीश विद्रोही ने की | जिन्होंने अपनी रचना सुनाकर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। मुख्य अतिथि बड़े मुखिया इन्द्रवदन गिरनाश स्वयं ने मधुर राग में ”दर्शन दो घनश्यामनाथ मेरी अंखिया प्यासी
रे “ सुना कर सभी श्रोताओं को भाव विभोर कर माहोल को भक्ति रस से भर दिया।


