श्रीनाथजी एवं नवनीत प्रियाजी में हुआ पंचामृत स्नान, निकली भव्य शोभायात्रा , 21 तोपों की दी सलामी
सेवा वालों, ब्रजवासियों और गाइडो के उत्थान के लिए कल्याण एवं विकास समिति की घोषणा

नाथद्वारा ( दिव्यशंखनाद ) 17 अगस्त | वल्लभ संप्रदाय की प्रधान पीठ नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर में रविवार को नंद महोत्सव परम्परा अनुसार धूमधाम के साथ मनाया गया। श्रीजी प्रभु की हवेली में भव्य दूध-दही एवं केसर का छिड़काव हुआ।

जशोदा मैया व नन्द बाबा का स्वांग धराएं मुखिया जी ने प्रभु को लाड़ लडाये गए एवं ग्वाल बाल और गोपियों का रूप बनाए बृजवासी बालक भी ‘नंद घर आनंद भयो’ और ‘जय कन्हैया लाल’ की जयकारों के साथ नाचते-गाते कान्हा के जन्म की बधाई दी गई।

नंद उत्सव के तहत एवं समस्त पुष्टि सृष्टि के वैष्णव जन नृत्य कर नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, हाथी दिने घोड़ा दि ने और दिनी पालकी जय कन्हैया लाल की का उद्घोष करते हुए नंदोत्सव मनाया गया।
सेवादारों, गाइड तथा ब्रजवासियों के उत्थान एवं विकास को लेकर कल्याण एवं विकास समिति संस्थान के गठन की घोषणा

पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर में तिलकायत गोस्वामी राकेश जी महाराज की आज्ञा व युवराज विशाल बावा की प्रेरणा से कई नवाचार किए जा रहे है। उसी कड़ी में जन्माष्टमी के दिन श्रीजी प्रभु की हवेली में विशाल बावा की मौजूदगी में मुख्य प्रशासक भारत भूषण व्यास ने बताया की श्रीजी हवेली के सेवादारों, गाइड तथा ब्रजवासियों के उत्थान एवं विकास को लेकर कल्याण एवं विकास समिति संस्थान का पंजीयन कराकर गठन किया जाएगा। इसके पीछे तीनों के उत्थान, उनके बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सहित उनके जीवन स्तर को बढाना उद्देश्य है। व्यास ने बताया की तीनों समितियों के सुचारु संचालन के लिए 50 लाख रुपए का फंड बनाया जाएगा। इसमें 25 लाख सेवादारों के लिए, 15 लाख ब्रजवासियों के लिए तथा 11 लाख गाइडो के लिए रखे जाएंगे। तीनों समितियों के लोगों को समय समय पर प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वो आने वाले वैष्णवों को सही जानकारी दे सके। इन समितियों पर निगरानी के लिए बोर्ड अधिकारी, बोर्ड सदस्य आदि भी जुड़ेगे तथा तिलकायतश्री संरक्षक होंगे।
श्रृंगार के दर्शन में श्रीजी प्रभु के सम्मुख बाँचीं गई जन्म पत्रिका, राजभोग दर्शन में श्रीजी प्रभु को लगाया महा भोग

पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ प्रभु श्रीनाथजी की हवेली में संपूर्ण पुष्टि सृष्टि में कृष्ण जन्मोत्सव पर विशेष परंपरा अनुसार सेवा पद्धति का विशेष क्रम निर्धारीत है। प्रतिवर्ष एवं सदियों से चली आ रही प्रभु की सेवा पद्धति एवं परंपरा अनुसार इस वर्ष भी प्रभु के जन्म के वर्ष के आधार पर यह प्रभु का 5191 वा जन्मोत्सव है और प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रभु की सेवा क्रम में जन्माष्टमी के पावन अवसर पर जन्माष्टमी के दिन प्रभु को मंगला दर्शन में प्रभु को दूध, दही, घी, शक्कर व शहद से परचारक महाराज श्री विशाल बावा द्वारा पंचामृत स्नान कराया गया। तत्पश्चात प्रभु को विशेष शृंगार धराया गया जिसमें प्रभु को तीहरा श्रृंगार, चाकदार केसरी वस्त्र, श्रीमस्तक पर मोर चंद्रिका का अद्भुत श्रंगार धराया गया तथा श्रृंगार दर्शन में मंदिर के पंड्या जी परेश नागर द्वारा प्रभु के सम्मुख जन्म पत्रिका बांची गई ।तथा राजभोग के दर्शन में प्रभु को महा भोग आरोगाया गया ।
श्री विशाल बावा ने वैष्णव जन व दर्शनार्थियों को वितरित किया श्रीजी प्रभु का महाप्रसाद

राजभोग दर्शन में श्री विशाल बावा ने मोती महल चौक में जन्माष्टमी एवं नंद महोत्सव की बधाई के रूप में श्रीजी प्रभु को अरोगाया गया महाप्रसाद वैष्णव जन एवं श्रद्धालुओं को अपने कर कमल से वितरित किया।महाप्रसाद के वितरण कार्य में मुंबई के वैष्णव श्री गिरीश भाई शाह व उनकी धर्मपत्नी ने श्री विशाल बावा का सहयोग किया और ऐसा अनुमान है कि यह दो दिवस तक दर्शनार्थियों और वैष्णव जन को वितरित होगा जिसमें अनुमानित है कि लगभग एक लाख दर्शनार्थी महाप्रसाद से लाभान्वित होंगे।


