नवीन चिकित्सालयों के निर्माण की समयसीमा करें तय, नियमित रूप से हो मॉनिटरिंग

जयपुर ( दिव्यशंखनाद ) 18 अगस्त। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि प्रदेश की प्रत्येक गांव-ढाणी तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो और राज्य का प्रत्येक नागरिक स्वस्थ रहे। इसी मंशा के साथ राज्य सरकार ने अपने पहले बजट में ही कुल बजट का 8.26 प्रतिशत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए रखा था। उन्होंने कहा कि राज्य में चिकित्सा ढ़ांचा सुदृढ़ करने के लिए चिकित्सा केन्द्रों को क्रमोन्नत करने तथा नवीन चिकित्सालय प्रारम्भ करने जैसी बजट घोषणाएं की गई हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ एवं समृद्ध भारत के संकल्प को मजबूत करने के साथ ही, देश में राजस्थान को स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए राज्य सरकार तत्परता के साथ कार्य कर रही है। इसी दिशा में हमारे प्रयासों से 6 करोड़ 20 लाख से अधिक नागरिकों के आभा आईडी बनाकर राजस्थान देशभर में दूसरे स्थान पर है। साथ ही, बजट घोषणा की अनुपालना में प्रदेश में स्वास्थ्य शिविर लगाकर 1 करोड़ 68 लाख से अधिक आभा लिंक्ड ई-हैल्थ रिकॉर्ड भी बनाए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा को नई ऊंचाइयां देने के लिए राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साइसेंज (आरयूएचएस) का उन्नयन कर एम्स, दिल्ली की तर्ज पर राजस्थान इंस्ट्यिट ऑफ मेडिकल साइसेंज (रिम्स) की स्थापना की जा रही है। इस पर चरणबद्ध रूप से 750 करोड़ रूपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसके डिजाइनिंग एवं प्लानिंग संबंधी प्रगतिरत कार्यों में और अधिक गति लाते हुए इसे समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के कार्मिकों एवं पेंशनर्स के लिए संचालित आरजीएचएस योजना को अधिक सुलभ करते हुए इसे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग इस योजना में पूरी तरह पारदर्शिता एवं जवाबदेहिता सुनिश्चित करें एवं इसका दुरूपयोग करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सवाई मानसिंह अस्पताल जैसे वृहद चिकित्सालयों पर मरीजों का भार कम करने के लिए राजधानी स्थित अस्पतालों के साथ ही प्रदेशभर के अन्य राजकीय चिकित्सालयों का और अधिक सुदृढ़ीकरण करते हुए उनमें चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि 70 वर्ष आयु से अधिक के वृद्धजनों को आवश्यकतानुसार घर पर ही निःशुल्क दवा उपलब्ध करवाये जाने की बजट घोषणा को सुचारू रूप से लागू करने के लिए किसी एक जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारम्भ करते हुए चरणबद्ध रूप से प्रदेशभर में लागू किया जाए।


