बड़े स्टेशनों पर वजन मापने की मशीनें लगी, किस क्लास में कितना सामान लेकर जा सकते हैं ?

नई दिल्ली (दिव्यशंखनाद ) 20 अगस्त | हवाईयात्रा के जैसे ही भारतीय रेलवे में भी सामान को लेकर नया नियम आ गया है। मतलब अब आप जो भी सामान लेकर जा रहे हैं, उसे अब स्टेशन पर तोला जाएगा, तभी आप अंदर जा सकेंगे। रेलवे ने अब देश के कई बड़े स्टेशनों पर हवाई अड्डों की तरह सामान स्कैनर और इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीनें लगाना शुरू कर दिया है। इस सिस्टम को पहले उत्तर मध्य रेलवे जोन में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। इसके तहत करीबन 960 करोड़ रु खर्च किए जाएंगे।
अभी उत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे ने इस व्यवस्था की शुरुआत लखनऊ और प्रयागराज मंडल के प्रमुख स्टेशनों से करने का निर्णेय लिया है। जिन रेलवे स्टेशन को चिन्हित किया है, उनमें प्रयागराज, मिर्जापुर, कानपुर और अलीगढ़ जंक्शन शामिल हैं, इसके अलावा लखनऊ चारबाग, बनारस, प्रयागराज छिवकी, सूबेदारगंज, मिर्जापुर, टूंडला, अलीगढ़, गोविंदपुरी और इटावा भी इस लिस्ट में आता है।
स्टेशन के एंट्री पॉइंट पर आपका सामान तोला जाएगा, अगर आपका सामान निर्धारित सीमा के अंदर है, तभी आपको प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति मिलेगी। केवल वजन ही नहीं, सामान का आकार भी देखा जाएगा। अगर सामान का वजन कम है, लेकिन साइज बड़ा है, तो उस पर अतिरिक्त शुल्क लग सकता है।
किस क्लास में कितना सामान लेकर जा सकते हैं ?
रेलवे में हर क्लास के लिए फ्री सामान की सीमा पहले तय रहती है। हालांकि अब तक इसे सख्ती से लागू नहीं किया गया था। अब आपको इन सीमाओं का ध्यान रखना पड़ेगा:
- AC फर्स्ट क्लास : 70 kg
- 2nd AC : 50 kg
- 3rd AC/चेयर कार : 40 kg
- स्लीपर क्लास: 40 kg
- जनरल : 35 kg
अगर आपका सामान निर्धारित सीमा से अधिक है तो रेलवे आपको अतिरिक्त सामान बुक करने और ले जाने की फैसिलिटी देता है। आप अपने एक्स्ट्रा सामान को स्टेशन पर मौजूद पार्सल ऑफिस में जाकर बुक कर सकते हैं।
इसके लिए आपको सामान्य सामान दर का 1.5 गुना भुगतान करना पड़ेगा। मान लें अगर आप स्लीपर क्लास में 500 किमी की यात्रा कर रहे हैं और आपके पास 80 किलोग्राम सामान है। स्लीपर क्लास की फ्री सीमा 40 किलोग्राम है, तो आपका अतिरिक्त सामान 40 किलोग्राम है, इस 40 किलोग्राम के लिए आपको पार्सल ऑफिस में बुकिंग करनी पड़ेगी, जिसकी फीस करीबन 110 रु होगी।

