नाथद्वारा पहुंचने पर श्री विशाल बावा का भव्य स्वागत

नाथद्वारा ( दिव्यशंखनाद ) 23 अगस्त | पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर के तिलकायत पुत्र युवाचार्य गोस्वामी श्री विशाल बावा शुक्रवार शाम को नाथद्वारा पहुंचे। नगर के त्रिनेत्रा सर्कल पर गोस्वामी श्री विशाल बावा का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नगरवासी उपस्थित रहे।

मंदिर के सभी ब्रजवासी भाइयों के स्वास्थ्य एवं बच्चों की शिक्षा हेतु ब्रजवासी विकास एवं कल्याण सहकारी समिति का लोकार्पण आज मोती महल प्रांगण में किया गया । प्रधान पीठ के सर्वप्रथम परचारक महाराज नि. ली. पू. पा. श्री काका वल्लभजी के उत्सव के पावन अवसर पर तथा पूज्यपाद तिलकायत महाराज की आज्ञा से श्रीनाथजी मंदिर के ब्रजवासियों के हितार्थ जो घोषणा गत दीपावली स्नेह मिलन के अवसर पर की गई थी वह आज साकार रूप ले रही है ।

श्री विशाल बावा ने अपने उद्बोधन में ब्रजवासी भाइयों को याद दिलाया गया कि प्रभु की उर्ध्व भुजा का प्राकट्य संवत् १४६६ में हुआ था और श्रीमुख का प्राकट्य १५३५ में, फिर भी ब्रजवासियों ने १५४९ अर्थात् लगभग ८५ वर्ष प्रतीक्षा की—कि गुरु श्री वल्लभ द्वारा जब प्रथम अन्नप्राशन होगा और सेवा स्थापित होगी, तत्पश्चात् ही सेवा में अंगीकार रहेगा।
श्री विशाल बावा ने आगे कहा कि मेरी और आपकी २० से भी अधिक पीढ़ियाँ आगे बढ़ चुकी हैं, परंतु हम दोनों की मध्यस्था करते प्रभु आज भी विद्यमान हैं। उन्हीं की कानी रखते हुए आज के कलयुग में जीवनयापन हेतु ब्रजवासी विकास एवं कल्याण समिति का गठन किया जा रहा है। प्रधानपीठ के अति विलक्षण इतिहास तथा उज्ज्वल भविष्य की कड़ी को जोड़ते हुए यह समिति ब्रजवासियों के समग्र विकास, एकता और कल्याण का नया अध्याय लिखेगी।


