मेड इन इंडिया लिखी इलेक्ट्रिक कार अब दुनिया में दौड़ेगी – मोदी

नई दिल्ली ( दिव्यशंखनाद ) 26 अगस्त | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मंगलवार को अहमदाबाद के हंसलपुर स्थित सुजुकी मोटर प्लांट में सुजुकी के पहले वैश्विक रणनीतिक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) ‘ई-विटारा’ को हरी झंडी दिखाई. भारत में निर्मित इन बीईवी वाहनों का निर्यात यूरोप और जापान जैसे उन्नत बाजारों सहित सौ से अधिक देशों में किया जाएगा. इस मौके पर सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष एवं प्रतिनिधि निदेशक तोशीहिरो सुजुकी और राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे. सुजुकी ने कहा कि वह अगले पांच से छह सालों में भारत में 70 हजार करोड़ रु. निवेश करेंगे.
पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के पास लोकतंत्र की शक्ति है. हमारे पास कुशल कार्यबल का एक बहुत बड़ा पूल भी है, इसलिए, यह हमारे प्रत्येक भागीदार के लिए जीत की स्थिति बनाता है. आज, सुजुकी जापान भारत में निर्माण कर रहा है, और यहां बनी कारों को वापस जापान निर्यात किया जा रहा है. यह न केवल भारत और जापान के बीच संबंधों की मजबूती का प्रतीक है, बल्कि भारत में वैश्विक विश्वास को भी दर्शाता है. एक तरह से, मारुति सुजुकी जैसी कंपनियां मेक इन इंडिया की ब्रांड एंबेसडर बन गई हैं. अब, दुनिया भर के दर्जनों देशों में जो इलेक्ट्रिक वाहन चलेंगे, उन पर लिखा होगा- मेड इन इंडिया.
पीएम मोदी ने कहा, “गणेश उत्सव के इस उत्साह में, आज भारत की ‘मेक इन इंडिया’ यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ रहा है. यह ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के हमारे लक्ष्य की दिशा में एक बड़ी छलांग है. आज से, भारत में बने इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्यात 100 देशों में किया जाएगा. इसके साथ ही, हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोलाइट निर्माण भी आज से शुरू हो रहा है. यह दिन भारत और जापान की मैत्री को भी एक नया आयाम दे रहा है. एक तरह से, 13 साल किशोरावस्था की शुरुआत का प्रतीक है और किशोरावस्था पंख फैलाने का काल होता है. मुझे खुशी है कि गुजरात की मारुति अपनी किशोरावस्था में प्रवेश कर रही है, यानी आने वाले दिनों में मारुति नए पंख फैलाएगी और नए जोश और उत्साह के साथ आगे बढ़ेगी. भारत की सफलता की कहानी के बीज लगभग 13 साल पहले बोए गए थे. 2012 में, जब मैं यहां का मुख्यमंत्री था, हमने हंसलपुर में मारुति सुजुकी को ज़मीन आवंटित की थी.”
भारत के ईवी और बैटरी पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने के साथ हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड का स्थानीय उत्पादन टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी संयंत्र में शुरू होगा जो तोशिबा, डेंसो और सुजुकी का एक संयुक्त उद्यम है. इस विकास के साथ अब 80 प्रतिशत से अधिक बैटरी का निर्माण घरेलू स्तर पर किया जाएगा, जिससे भारत के स्वच्छ ऊर्जा और विनिर्माण लक्ष्यों को बढ़ावा मिलेगा.


