
उदयपुर ( दिव्यशंखनाद ) 02 सितम्बर | सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी और उदयपुर के दर्जी कन्हैया लाल के बेटे द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया। कन्हैया लाल की 2022 में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में एक आरोपी की जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने मोहम्मद जावेद को जमानत देने के राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
शीर्ष अदालत, जावेद को जमानत देने के राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ एनआईए और कन्हैया लाल के बेटे यश तेली द्वारा दायर अपीलों पर सुनवाई कर रही थी। तेली के वकील ने दलील दी थी कि जावेद की भूमिका बेहद गंभीर है क्योंकि उसने हमलावरों को मृतक के ठिकाने और उपस्थिति के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने दलील दी कि अपराध की गंभीरता पर गहराई से विचार किए बिना उन्हें जमानत देना उच्च न्यायालय का सही फ़ैसला नहीं था।
याचिका में कहा गया है कि हत्या देश भर में सांप्रदायिक रूप से उत्तेजित माहौल में की गई थी। याचिका में दावा किया गया है कि मुख्य आरोपियों ने हत्या की तैयारी की। हथियार इकट्ठा किए, रेकी की और मृतक के ठिकाने की जानकारी देने के लिए जावेद को तैनात किया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि उस दुर्भाग्यपूर्ण दिन, वे ग्राहक बनकर दर्जी की दुकान में घुस गए और जब मृतक उनका नाप ले रहा था तो आरोपियों ने एक कैमरा लगा दिया। सांप्रदायिक नारे लगाए मृतक पर हमला किया और उसकी हत्या कर दी।

