
नाथद्वारा ( दिव्यशंखनाद ) 03 सितम्बर | देवझूलनी (जलझूलनी) एकादशी पर चारभुजाजी व सांवलिया सेठ में निकली भव्य शोभा यात्राएं, उमड़े श्रध्धालु)एकादशी के पावन अवसर पर बुधवार को चारभुजाजी ( राजसमंद ) और सांवलिया सेठ ( चित्तौड़गढ़) के मंदिरों से भगवान नगर भ्रमण पर निकले| सुबह मंगला आरती के बाद मंदिरों में विशेष श्रृंगार और पूजन किया गया | सभी स्थानों पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड पड़ा।
चारभुजा मंदिर में ठाकुर जी को पहले सोने के घड़े से स्नान करवाया गया इसके बाद उन्हें विशेष आभूषण पहनकर सुसर्जित किया गया| यह दिव्य श्रृंगार वर्ष में केवल दो बार ही होता है| ठाकुर जी चांदी की बंदूक और सोने के रथ में सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलते हैं| जैसे ठाकुरजी नगर भ्रमण पर निकले भक्तों ने गुलाल उड़ाकर स्वागत किया। इस दौरान नगर की पूरी सड़कें गुलाल से लाल नजर आईं। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर में हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लालकी और छोगाला छेल के जयकारे सुनाई दिए।
चित्तौड़गढ़ में सांवलिया सेठ भी चांदी के रथ में सवार होकर भक्तों के दर्शनार्थ निकले| बारिश के बावजूद भक्तों का जोश कम नहीं हुआ| जगह-जगह भक्तों ने नाच गाकर स्वागत किया| शोभायात्रा में शामिल होने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु उमड पड़े और देव झुलनी ( जलझूलनी) एकादशी पर चारभुजाजी व सांवलिया सेठ में निकली भव्य शोभा यात्राएं, उमड़े श्रध्धालु) एकादशी का पर्व आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया |

