एजुकेशनल मैटेरियल्स टेक्स फ्री, आईपीएल टिकटों पर 40 प्रतिशत जीएसटी

नई दिल्ली ( दिव्य शंखनाद ) 04 सितम्बर | 56वीं जीएसटी परिषद की बैठक के बाद, हिमाचल प्रदेश के मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि अब तीन स्लैब होंगे। 12% और 28% की दर को समाप्त कर दिया गया है। विलासिता की वस्तुओं पर 40% कर लगेगा। उल्लेखनीय है कि 56वीं जीएसटी परिषद की दो दिवसीय बैठक कल नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई। सभी फैसले 22 सितंबर से लागू होंगे।
देश के करोड़ों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने व्यक्तिगत जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों पर लगने वाले 18% GST को पूरी तरह हटाने का ऐलान किया है। इससे बीमा प्रीमियम अब पहले से काफी सस्ते हो जाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक के परिणामों की घोषणा करते हुए कहा कि सभी व्यक्तिगत जीवन बीमा पॉलिसियाँ, चाहे वे टर्म लाइफ, यूलिप या एंडोमेंट पॉलिसियाँ हों, और उसके बाद के पुनर्बीमा, जीएसटी से मुक्त हैं।
इन चीजों पर अब नहीं लगेगा कोई GST

वित्त मंत्री ने बैठक के बाद जानकारी दी कि अब अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर (UHT) मिल्क, छेना और पनीर पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. पहले इन पर 5% जीएसटी लगाया जाता था. इसके अलावा भारतीय रोटियों जैसे रोटी और चपाती को भी टैक्स से मुक्त कर दिया गया है. शिक्षा से जुड़ी सामग्रियों और स्वास्थ्य बीमा जैसी सेवाओं पर भी जीरो टैक्स का फैसला लिया गया है. अब जो वस्तुएं और सेवाएं 0% टैक्स के दायरे में हैं, उनमें ये प्रमुख रूप से शामिल हैं-
UHT दूध (अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर मिल्क)
छेना और पनीर
रोटी और चपाती जैसी भारतीय रोटियां
इंडिविजुअल हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियां
नक्शे, चार्ट्स और ग्लोब
जीवन रक्षक दवाएं
स्टेशनरी आइटम्स: एक्सरसाइज़ बुक, नोटबुक, पेंसिल, शार्पनर और इरेज़र
ये वो चीज़ें हैं जो हर आम आदमी के जीवन से सीधे जुड़ी हुई हैं, और टैक्स हटने से इनकी कीमतों में गिरावट आ सकती है.
40 फीसदी वाला स्पेशल जीएसटी :
कुछ विशेष शौक रखने वाले लोगों को अब अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा. क्योंकि उनके शौक वाली चीजों की कीमत पहले से महंगी हो जाएगी. विलासिता और हानिकारक वस्तुओं के लिए एक अलग स्लैब होगा, जो 40 प्रतिशत है.
पान मसाला, सिगरेट, जर्दा, चबाने वाला तंबाकू, सुपर लग्जरी गुड्स, एडड शुगर, कार्बोनेटिड डिंक्स, लग्जरी कार, फास्ट फूड जैसी विलासिता वाली चीजें महंगी होगी. इन सब चीजों पर पहले 28 प्रतिशत जीएसटी लगा करता था. लेकिन अब इन सब चीजों पर 40 फीसदी वाला स्पेशल जीएसटी लगेगा.
इन चीजों पर लगेगी 40 फीसदी GST

फलों के पेय या कार्बोनेटेड पेय, फलों के रस वाले पेय
कैफीनयुक्त पेय पदार्थ
अनिर्मित तम्बाकू; तम्बाकू अपशिष्ट [तम्बाकू पत्तियों के अलावा]
सिगार, सिगार, सिगारिलो और सिगरेट, तंबाकू या तंबाकू के विकल्प से बने
तम्बाकू या पुनर्गठित तम्बाकू युक्त उत्पाद
रेसिंग कार, मोटर कारें और अन्य मोटर वाहन जो मुख्यतः व्यक्तियों के परिवहन के लिए डिज़ाइन किए गए हैं.
350 सीसी से अधिक इंजन क्षमता वाली मोटर साइकिलें.
मोटर वाहन जिनमें स्पार्क-इग्निशन हो, रेसिप्रोकेटिंग पिस्टन इंजन और प्रणोदन के लिए इलेक्ट्रिक मोटर दोनों हों, जिनकी इंजन क्षमता 1200 सीसी से अधिक हो या लंबाई 4000 मिमी से अधिक हो.
प्राइवेट जेट, निजी उपयोग वाले विमान.
याच, नौका और अन्य मनोरंजन या खेलकूद के लिए जहाज
रिवॉल्वर, पिस्टल और अन्य पिस्तौल
पाइप, बाउल, सिगार या सिगरेट, होल्डर और उसके हिस्से
प्रस्तावों के अलावा, संशोधनों पर भी चर्चा हुई
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों पर प्रस्तावों के अलावा, संशोधनों पर भी चर्चा हुई। अब सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप्स के लिए जीएसटी पंजीकरण का समय 30 दिनों से घटाकर केवल 3 दिन कर दिया गया है। निर्यातकों को अब स्वचालित जीएसटी रिफंड मिलेगा। इस प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है, जिससे उनका काम आसान हो जाएगा।
आईपीएल जैसे खेल आयोजनों में प्रवेश (टिकट) पर 40 प्रतिशत जीएसटी
सबसे बड़ा बदलाव क्रिकेट के इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) जैसे आयोजनों पर देखने को मिलेगा। अब आईपीएल जैसे खेल आयोजनों में प्रवेश (टिकट) पर 40 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। इसका सीधा असर टिकट की कीमतों पर पड़ेगा और दर्शकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है। हालांकि, यह 40 प्रतिशत की दर सिर्फ आईपीएल जैसे आयोजनों पर लागू होगी।
दूसरी ओर, मान्यता प्राप्त खेल आयोजनों पर यह भारी कर नहीं लगाया जाएगा। यदि किसी मान्यता प्राप्त खेल आयोजन का टिकट 500 रुपये तक है तो वह पहले की तरह जीएसटी से मुक्त रहेगा। वहीं 500 रुपये से अधिक कीमत वाले टिकटों पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी जारी रहेगा। यानी, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मान्यता प्राप्त खेल टूर्नामेंटों के दर्शकों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा।
इसके अलावा, जीएसटी परिषद ने सट्टेबाजी, जुए, लॉटरी, घुड़दौड़ और ऑनलाइन मनी गेमिंग जैसी गतिविधियों को भी 40 प्रतिशत कर दायरे में लाने का फैसला किया है। यह फैसला न केवल इन क्षेत्रों के कारोबार को प्रभावित करेगा बल्कि सरकार को अतिरिक्त राजस्व भी दिला सकता है।

