ब्रजभक्तों की कानी से प्रभु स्वयं हमारा दान स्वीकारते हैं – और यही श्रीमद् वल्लभाचार्य की अनन्त कृपा बल का द्योतक है : श्री विशाल बावा

नाथद्वारा ( दिव्य शंखनाद ) 05 सितम्बर | नाथद्वारा स्थित पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ के तिलकायत श्री राकेशबावा के पुत्र युवाचार्य श्री विशाल बावा वामन द्वादशी के अवसर पर प्रभु श्रीनाथजी की उदयपुर स्थित चरण चौकी पहुंचे | आपश्री ने प्रभु की सेवा में सम्मिलित होकर ठाकुर जी की शयन आरती की।

तत्पश्चात् आप उदयपुर के श्रीनाथजी मंदिर की गौशाला में पहुंचे और गौ सेवा की। वहां पर उन्होंने हाल ही जन्मी नवजात बछिया का स्नेह से स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने नवजात बछिया का नाम ‘चन्द्रावली’ रखा। साथ ही उन्होंने वहां उपस्थित वैष्णवों के साथ भगवत चर्चा की और कई भक्तों को ब्रह्म संबंध देकर नाम दीक्षा प्रदान की।

उदयपुर की शयन सेवा के उपरांत, श्री विशाल बावा प्रभु श्रीनाथजी की दान-सेवा हेतु श्रीनाथद्वारा पधारे। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि प्रभु को दान आरोगने की सेवा पुष्टिमार्ग में अत्यंत विशिष्ट स्थान रखती है। ब्रजभक्तों की कानी से प्रभु स्वयं हमारा दान स्वीकारते हैं — और यही श्रीमद् वल्लभाचार्य की अनन्त कृपा बल का द्योतक है।


