राजसमंद: समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

राजसमंद ( दिव्यशंखनाद ) 08 सितम्बर | सितंबर। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं राजसमंद जिला प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिए कि अधिक वर्षा के बीच किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह राउंड द क्लॉक तैयार रहे। उन्होंने कहा कि “किसी भी समय घटना, अनहोनी, जलभराव आदि की सूचना मिले तो तुरंत राहत और बचाव की कार्रवाई शुरू होनी चाहिए।”

उप मुख्यमंत्री ने जिले में बचाव कार्यों को लेकर प्रशासन द्वारा अब तक की गई कार्यवाही को लेकर संतोष जाहीर किया। बैठक में भीम विधायक हरिसिंह रावत, जिला प्रमुख रतनी देवी, प्रधान अरविंद सिंह राठौड़, जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल, समाजसेवी माधव जाट, जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा, एसपी ममता गुप्ता, जिला परिषद सीईओ बृजमोहन बैरवा, उप मुख्यमंत्री के ओएसडी भगवत सिंह राठौड़ सहित जिले के सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने बताया कि जिले में इस वर्ष 1 जनवरी से अब तक 818 मिमी वर्षा दर्ज हुई है, जो पिछले दस वर्षों के औसत (752 मिमी) से अधिक है। पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा ज्यादा हुई है जबकि मैदानी क्षेत्रों में औसत से कम। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में कुल 13,90,137 खसरे हैं जिनमें से अब तक 7,48,602 खसरों की गिरदावरी (53.85%) पूर्ण हो चुकी है।

कलक्टर ने बताया कि जिले में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुँचाने के लिए गाँव चलो अभियान (18 सितम्बर–2 अक्टूबर) और शहर चलो अभियान (15 सितम्बर–2 अक्टूबर) आयोजित किया जाएगा। गाँव चलो अभियान के दौरान प्रतिदिन दो ग्राम पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे। वहीं शहर चलो अभियान में सभी नगर निकायों में शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों से पूर्व वार्डवार तैयारी कैंप कर समस्याओं को चिन्हित किया जा रहा है
बैठक में उपमुख्यमंत्री द्वारा जिला राजसमन्द में राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावी समीक्षा की गई। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि तहसील कुम्भलगढ़ में दिनांक 18 जुलाई 2025 को अतिवृष्टि के दौरान 40 स्कूली बच्चों एवं 05 व्यक्तियों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया, वहीं तहसील राजसमन्द में दिनांक 27 अगस्त 2025 को मोही क्षेत्र में बनास नदी से एक व्यक्ति का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। कुंभलगढ़ क्षेत्र में अतिवृष्टि के बाद तत्काल प्रभाव से बिजली व्यवस्था एवं सड़कों को बहाल किया गया। जिले में बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24×7 सक्रिय रूप से संचालित है, जिसमें 21 नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक तीन पारियों में कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त, एसडीआरएफ की टीम भी जिला स्तर पर बाढ़ बचाव कार्यों हेतु तैनात की गई है।
पंच गौरव योजना के अंतर्गत “एक जिला-एक उपज” कार्यक्रम में सीताफल को चयनित किया गया है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन वर्ष 2025-26 में 2.5 हैक्टेयर क्षेत्र में सीताफल बगीचा स्थापित करने की प्रशासनिक स्वीकृति भी जारी की गई है। वहीं “एक जिला एक खेल-हॉकी” के लिए नवनिर्मित एस्ट्रो टर्फ पर हॉकी खेल का नियमित प्रशिक्षण कार्य संचालित किया जा रहा है। एक जिला एक प्रजाति ‘नीम’ के लिए वर्ष 2025-26 के दौरान 5 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें से 1 लाख पौधे विभागीय मद से तैयार किए जा रहे हैं और इनके मदर बेड तैयार कर थैलियों में स्थानांतरित करने की कार्यवाही चल रही है।


