
नाथद्वारा ( दिव्य शंखनाद ) 27 जुलाई | दी आर्ट ऑफ लिविंग मोलेला की प्रेरणा से भामाशाह नंदकिशोर बंग नाथद्वारा द्वारा अपने स्व.पिता रामेश्वर लाल एवं स्व. माता मोहनी देवी की पूण्य स्मृति में “जल ही जीवन है” की तर्ज पर मानव सेवा एवं समस्त जीव प्रजाति के पीने के पानी की व्यवस्था के तहत मोलेला में स्थित क्षेत्रपाल भेरूजी मंदिर काला मंगरा के यहाँ “श्री श्री प्याऊ “बनवाकर उसका उद्धघाटन किया गया।
दी आर्ट ऑफ लिविंग प्रशिक्षक प्रवीण सनाढ़य ने बताया कि जब व्यक्ति “मानव सेवा परमोधर्म ” के भाव से अपने तन मन धन से सेवा के रूप में कुछ अंश समर्पित करता है तब वह पल ही उसके जीवन मे सच्ची खुशी एवं सुकून भरे होते है।
भामाशाह बंग द्वारा आगे भी सेवा कार्य मे सहयोग का विश्वास दिलाया।

कार्यक्रम में तरुण कोठारी, प्रतापसिंह बल्ला , प्रतीक पुरोहित, चंद्रप्रकाश माहेश्वरी, लालजी सनाढय, किशन खटीक,रमेश कोठारी, नानालाल तेली, भेरू लखारा, भेराबा प्रजापत, नारायण प्रजापत, दिलीप सिंह बल्ला,सत्यनारायण सोनी, जीतू गर्ग,दिनेश गमेती ,मांगूसिंह, बंशीलाल सेन , नाथू सिंह जी , गोटू लाल गर्ग,जगदीश जटिया आदि सेवाभावी उपस्थित थे।


