प्रदेश के ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों पर उच्चस्तरीय आधारभूत सुविधाएं हों विकसित

जयपुर ( दिव्यशंखनाद ) 23 अगस्त। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में स्थानीय व विदेशी पर्यटकों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी से हमारा राजस्थान देश में अग्रणी राज्य बन रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में आ रहे निरंतर बदलाव के अनुरूप प्रदेश में सैलानियों की संख्या में वृद्धि के लिए ऐतिहासिक, प्राकृतिक व धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों की कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों के सुझावों को भी शामिल किया जाए।
श्री शर्मा शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में पर्यटन व कला एवं संस्कृति विभाग की बजट एवं अन्य महत्वपूर्ण घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों के विकास के लिए बनाई जाने वाली डीपीआर में कार्य से संबंधित सभी जरूरी पहलुओं को शामिल करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही, उन्होंने इन कार्यों की प्रगति के लिए हर तीन माह में निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
प्रदेश में वॉटर एवं डेजर्ट एडवेंचर एक्टिविटीज को मिले बढ़ावा-

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर एवं घाटों का विकास कार्ययोजना के आधार पर करने के निर्देश दिए। साथ ही, ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चिन्हित स्थानों पर विकास कार्यों की डीपीआर शीघ्र तैयार करने के लिए भी निर्देशित किया। प्रमुख हैरिटेज पर्यटन स्थलों पर किए जाने वाले विकास कार्यों की रूपरेखा बनाने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वॉटर एवं डेजर्ट एडवेंचर एक्टिविटीज को बढ़ावा देने के लिए शीघ्र गाइडलाईन तैयार की जाए तथा वेडिंग डेस्टिनेशन को नई ऊंचाईयां देने के लिए प्रदेश के समृद्ध स्थलों को कार्ययोजना बनाकर बढ़ावा दिया जाए।
ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट हो विकसित-
श्री शर्मा ने अधिकारियों को उदयपुर व जोधपुर में ट्रेवल मार्ट के आयोजन की रूपरेखा बनाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने बेणेश्वर धाम, रामेश्वर घाट एवं बीगोद संगम को त्रिवेणी संगम के रूप में एवं प्रदेश में जनजातीय क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह लखावत सहित पर्यटन व कला एवं संस्कृति विभाग के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।


