
जयपुर ( दिव्यशंखनाद) 23 अगस्त | राजस्थान प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब बिजली उपभोक्ता की समिति के बिना स्मार्ट मीटर घरों में नहीं लगाए जाएंगे।
स्मार्ट मीटर को लेकर इस समय इस खबर से आमजन को बड़ी राहत मिली है। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष गिरजाशंकर पांचाल की अगुवाई में किसानों द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में दिए गए ज्ञापन का बड़ा असर हुआ है।
सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए आदेश जारी किए कि अब नए कनेक्शन या खराब हो चुके मीटर की जगह स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य नहीं रहेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव नहीं बनाया जाएगा। पहले जारी गाइडलाइन के अनुसार नए कनेक्शन लेने वाले या खराब मीटर बदलवाने वाले उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य था, लेकिन अनुबंधित कंपनी की लापरवाही और तकनीकी खामियों के चलते इस नियम को बदलना पड़ा। अब उपभोक्ता चाहे तो सामान्य नॉन-स्मार्ट मीटर भी लगवा सकेगा।
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राजस्थान सरकार के इस फैसले से किसानों और आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है, जो लंबे समय से इस व्यवस्था का विरोध कर रहे थे। डिस्कॉम का मानना है कि नए नियम से बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और कंपनी की लापरवाही से हो रही परेशानी भी कम होगी। सरकार के इस आदेश के बाद किसानों और आम जनता में संतोष का माहौल है।

