रूसी टीका ट्यूमर के आकार को कम करता है और उनके विकास को धीमा करता है

मोस्को 08 सितम्बर | रूस के वैज्ञानिकों ने कैंसर वैक्सीन को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनका बनाया टीका अब इस्तेमाल के लिए तैयार है। रूस की संघीय मेडिकल एंड बायोलॉजिकल एजेंसी (FMBA) ने घोषणा की है कि रूसी एंटरोमिक्स कैंसर वैक्सीन अब नैदानिक उपयोग के लिए तैयार है। वैक्सीन ने प्रीक्लिनिकल परीक्षणों में सफलता हासिल की है। पिछले तीन सालों में टीके की सुरक्षा और उच्च प्रभावशीलता का प्रदर्शन हुआ है|
रूस के वैज्ञानिकों ने एक वैक्सीन ‘एंटरोमिक्स’ (Enteromix) विकसित की है, जो क्लिनिकल ट्रायल में सौ फीसदी प्रभावी और सुरक्षित साबित हुई है. रूसी टीका ट्यूमर के आकार को कम करता है और उनके विकास को धीमा करता है। वैक्सीन ने ट्यूमर को सिकोड़ने और उनकी वृद्धि को धीमा करने में उल्लेखनीय परिणाम दिखाए हैं जो कि 60 से 80% तक है। इसे बार-बार उपयोग के लिए भी सुरक्षित पाया गया है। इसका मतलब है कि टीका इस्तेमाल के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि वैक्सीन को हर रोगी के लिए उनके व्यक्तिगत RNA के अनुसार अनुकूलित किया जाएगा। यह शोध कई वर्षों तक चला, जिसमें पिछले तीन वर्ष अनिवार्य प्रीक्लिनिकल स्टडी के लिए समर्पित थे। टीका अब इस्तेमाल के लिए तैयार है। हम आधिकारिक मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। स्टडी ने टीके के कारण जीवित रहने की दर में वृद्धि का संकेत दिया है। रूस के कैंसर वैक्सीन ने शानदार प्रदर्शन किया है और FMBA की प्रमुख वेरोनिका स्क्वोर्त्सोवा ने ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम (EEF) में इसकी घोषणा की है|
वैक्सीन के पहले संस्करण का इस्तेमाल कोलोरेक्टल कैंसर के इलाज के लिए किया जाएगा, जबकि ग्लियोब्लास्टोमा (एक मस्तिष्क कैंसर) और मेलेनोमा (स्किन कैंसर) के खास प्रकारों के लिए टीके विकसित करने में आशाजनक प्रगति हुई है। यह वर्तमान में विकास के एडवांस चरण में है।
एंटरोमिक्स एक इंट्रामस्क्युलर इंजेक्शन के रूप में दिया जाता है. इसका उद्देश्य शरीर की इम्यून सिस्टम को इस तरह से तैयार करना है कि वह विशेष रूप से कैंसर कोशिकाओं की पहचान करते उन्हें नष्ट कर सके. वैक्सीन की खास बात ये है कि इसके जरिये स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान नहीं पहुंचेगा और इसकी यही खासियत परंपरागत कीमोथेरेपी और रेडिएशन के कुप्रभावों से बचाने वाली है. ये तरीके अक्सर पूरे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं. क्लिनिकल ट्रायल्स के दौरान यह देखा गया कि वैक्सीन न केवल सुरक्षित है, बल्कि किसी भी गंभीर साइड इफेक्ट का कोई संकेत नहीं मिला. यही कारण है कि इसे अब रूस के कई प्रमुख कैंसर सेंटरों में प्रारंभिक उपयोग के लिए शामिल किया जा चुका है.

