DIVYASHANKHNAAD
  • होम
  • श्रीनाथजी दर्शन
  • यूट्यूब चैनल
  • पुष्टि – सृष्टि
  • आम की कलम
  • नाथद्वारा
  • राजस्थान
  • देश-विदेश
  • फिचर
No Result
View All Result
  • होम
  • श्रीनाथजी दर्शन
  • यूट्यूब चैनल
  • पुष्टि – सृष्टि
  • आम की कलम
  • नाथद्वारा
  • राजस्थान
  • देश-विदेश
  • फिचर
No Result
View All Result
DIVYASHANKHNAAD
No Result
View All Result
  • होम
  • श्रीनाथजी दर्शन
  • यूट्यूब चैनल
  • पुष्टि – सृष्टि
  • आम की कलम
  • नाथद्वारा
  • राजस्थान
  • देश-विदेश
  • फिचर
Home Uncategorized

श्रीनाथजी को आज सूथन-पटका, फेंटा का श्रृंगार

Divyashankhnaad by Divyashankhnaad
25/09/2021
in Uncategorized
0
श्रीनाथजी को आज सूथन-पटका, फेंटा का श्रृंगार
Share on FacebookShare on TwitterShare on whatsapp

व्रज – आश्विन कृष्ण चतुर्थी, शनिवार, 25 सितम्बर 2021
पुष्टिमार्ग की प्रधानपीठ नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर में पुष्टिमार्गीय सेवा प्रणालिका के अनुसार श्रीनाथजी के आज के राग, भोग व श्रृंगार सहित श्रीनाथजी के दर्शन इस प्रकार है.
आज की विशेषता :
आज का श्रृंगार ऐच्छिक है. ऐच्छिक श्रृंगार उन दिनों में धराया जाता है जिन दिनों के लिए श्रीजी की सेवा प्रणालिका में कोई श्रृंगार निर्धारित नहीं होता है. इसकी प्रक्रिया के तहत प्रभु श्री गोवर्धनधरण की प्रेरणा सर्वोपरि है जिसके तहत मौसम के अनुसार तत सुख की भावना से पूज्य तिलकायत श्री की आज्ञा के अनुसार मुखियाजी के द्वारा श्रृंगार धराया जाता है.

  • आज सूथन, फेंटा और पटका का श्रृंगार धराया जाता है.
  • आज ठाकुर जी अपनी एक भक्त ताज़बीबी की भावना से सूथन-पटका का श्रृंगार धराते हैं. यह श्रृंगार ताज़बीबी की विनती पर सर्वप्रथम भक्तकामना पूरक श्री गुसांईजी ने धराया था.
  • ताज़बीबी की ओर से यह श्रृंगार वर्ष में छह बार धराया जाता है. – भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (गणेश चतुर्थी) के दिन यह श्रृंगार नियम से धराया जाता है यद्यपि इस श्रृंगार को धराने के अन्य पांच दिन निश्चित नहीं हैं.
  • ताज़बीबी बादशाह अकबर की बेग़म, प्रभु की भक्त और श्री गुसांईजी की परम-भगवदीय सेवक थी. उन्होंने कई कीर्तनों की रचना भी की है.
    श्रीजी की आज की साज सेवा के दर्शन :
  • साज सेवा में आज प्रातः श्रीजी में सांकरी खोर में दूध-दही बेचने जाती गोपियों के पास से दान मांगते एवं दूध-दही लूटते श्री ठाकुरजी एवं सखा जनों के सुन्दर चित्रांकन वाली दानलीला की प्राचीन पिछवाई धरायी जाती है.
  • अन्य साज में गादी, तकिया, चरणचौकी, दो पडघा, त्रस्टी प्रभु के समक्ष पधराये जाते है. इनके अलावा खेल के साज पधराये जाते है.
  • गादी, तकिया पर सफ़ेद व स्वर्ण की रत्नजड़ित चरणचौकी के ऊपर हरी मखमल होती है.
  • दो स्वर्ण के पडघा में से एक पर बंटाजी व दुसरे पर झारीजी पधराई जाती है.
  • सम्मुख में धरती पर चांदी की त्रस्टी धरे जाते हैं.
  • खेल के साज में आज श्याम और गोटी बाघ बकरी की पधरायी जाती है.
    श्रीजी को धराये जाने वाले वस्त्रों के दर्शन :
  • वस्त्र सेवा में श्रीजी को आज लाल सफ़ेद लहरिया के किनारी के धोरा का सूथन और राजशाही पटका धराया जाता है. दोनों वस्त्र सुनहरी ज़री की किनारी से सुसज्जित होते हैं.
  • ठाड़े वस्त्र हरे रंग के धराये जाते हैं.
    श्रीजी को धराये जाने वाले श्रृंगार आभरण के दर्शन :
  • आज श्रीजी को छेडान का (कमर तक) हल्का श्रृंगार धराया जाता है.
  • कंठहार, बाजूबंद, पौची, हस्त सांखला, कड़े, मुद्रिकाएं आदि सभी आभरण हरे मीना के धराये जाते हैं.
  • श्रीमस्तक पर लाल सफ़ेद लहरिया का फेंटा का साज धराया जाता है जिसमें लाल सफ़ेद लहरिया के फेंटा के ऊपर सिरपैंच, बीच की चंद्रिका, कतरा एवं बायीं ओर शीशफूल धराया जाता है.
  • श्रीकर्ण में लोलकबंदी लड़ वाले कर्णफूल धराये जाते हैं.
  • श्रीजी को फूलघर की सेवा में आज कमल माला, श्वेत एवं पीले पुष्पों की रंग-बिरंगी फूल पत्तियों की कलात्मक थागवाली दो मालाजी धरायी जाती हैं.
  • श्रीहस्त में एक कमल की कमलछड़ी, स्वर्ण के वेणुजी और दो वेत्रजी धराये जाते हैं.
  • प्रभु के श्री चरणों में पैजनिया, नुपुर व बिच्छियाँ धराई जाती है.
  • श्रीजी की राग सेवा :
    मंगला : चले किन जाओ अपुनी गेल
    राजभोग : यहाँ अब काहे को दान
    आरती : अब ही दान देहो या दधि को
    शयन : भैय्या हो घेरो हो ब्रजनारी
    मान : आज सुहावनी रात
    पोढवे : श्यामाजू सक सेज
    भोग सेवा दर्शन :
  • श्रीजी को दूधघर, बालभोग, शाकघर व रसोई में सिद्ध की जाने वाली सामग्रियों का नित्य नियमानुसार भोग रखा जाता है.
  • मंगला राजभोग आरती एवं शयन दर्शनों में आरती की जाती है.
  • श्रीजी सेवा का अन्य सभी क्रम नित्यानुसार रहता है.
    ……………………….
    जय श्री कृष्ण।
    ……………………….
    url yutube channel
    https://www.youtube.com/c/DIVYASHANKHNAAD
    ……………….

Tags: divyashankhnaadnathdwaranathdwara mandirnathdwara newsnathdwara templeshreenathjishrinathjishrinathji mandirshrinathji nity darshanshringar
Previous Post

रीट 2021 : 26 सितम्बर को 54 केन्द्रों पर 16 हजार परीक्षार्थी देंगे परीक्षा, दो पारियों में होगी परीक्षा, परीक्षा को लेकर प्रशासन, पुलिस सतर्क

Next Post

श्रीनाथजी में आज श्री हरिरायजी महाप्रभुजी का प्राकट्योत्सव, बधाई

Next Post
श्रीनाथजी में आज श्री हरिरायजी महाप्रभुजी का प्राकट्योत्सव, बधाई

श्रीनाथजी में आज श्री हरिरायजी महाप्रभुजी का प्राकट्योत्सव, बधाई

Archives

  • November 2025
  • October 2025
  • September 2025
  • August 2025
  • July 2025
  • June 2025
  • May 2025
  • April 2025
  • November 2024
  • October 2024
  • September 2024
  • August 2024
  • July 2024
  • June 2024
  • May 2024
  • April 2024
  • March 2024
  • February 2024
  • January 2024
  • December 2023
  • November 2023
  • October 2023
  • September 2023
  • August 2023
  • July 2023
  • June 2023
  • May 2023
  • April 2023
  • March 2023
  • February 2023
  • January 2023
  • December 2022
  • November 2022
  • October 2022
  • September 2022
  • August 2022
  • July 2022
  • June 2022
  • May 2022
  • April 2022
  • March 2022
  • February 2022
  • January 2022
  • December 2021
  • November 2021
  • October 2021
  • September 2021
  • August 2021
  • July 2021
  • June 2021
  • May 2021
  • April 2021
  • March 2021
  • January 2021

Quick Links

  • Home
  • About us
  • E-paper
  • Contact us

Contact us

 +91-9426826796

 shankhnaad9999@gmail.com
  • Home
  • About us
  • E-paper
  • Contact us

© 2022 Divyashankhnaad All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • श्रीनाथजी दर्शन
  • यूट्यूब चैनल
  • पुष्टि – सृष्टि
  • आम की कलम
  • नाथद्वारा
  • राजस्थान
  • देश-विदेश
  • फिचर

© 2022 Divyashankhnaad All Rights Reserved.

Messages us