समिति की प्रथम बैठक का आयोजन श्रीनाथ जी मंदिर,उदयपुर में किया गया जिसमें सेवा एवं व्यवस्था संबंधित बिंदुओं पर विशेष चर्चा की गई

उदयपुर ( दिव्यशंखनाद ) 07 अक्टूबर| पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ प्रभु श्रीनाथजी की हवेली के पीठाधीश्वर पूज्यपाद तिलकायत गो.ती.108 श्री राकेश जी (श्री इंद्रदमन जी) महाराज श्री की आज्ञा एवं गो.चि.105 श्री विशाल बावा के निर्देशन में श्रीनाथजी मंदिर,उदयपुर एवं श्रीनाथजी मंदिर,घसियार में प्रभु के सेवा सुखार्थ एवं सेवा व्यवस्था एवं वैष्णव जन के दर्शन एवं सेवा में सुविधा एवं सरलता हेतु “नव प्रबंधन सहयोग वैष्णव समिति”का गठन किया गया। जिसका उद्देश्य प्रभु की सेवा में समर्पित भाव व विशेषज्ञता के साथ वैष्णव भाव से सदस्य प्रभु की सेवा में निस्वार्थ अपनी सेवा समर्पण कर सके। तिलकायत श्री की आज्ञा से प्रभु सेवा में समिति में निम्न सदस्यों को सेवा का अवसर दिया गया जिनमें प्रमुख रूप से श्री राकेश पारीख,श्री राजेश मेहता, श्रीधारा शंकर साहू,श्री डॉ.जुगल किशोर छापरवाल,श्री अजय सेठी, श्री हेमंत चौहान,श्री नंदकिशोर बंग,श्री नितिन कुमार पारीख,श्री कृष्णदास पारीख, श्री नवनीत पारीख,श्री भुवनेश शाह, श्री जयंतीलाल पारीख,श्री लालेश साहू,श्री गोपाल दास पारीख आदि प्रमुख सदस्य समिति में सेवा में लिए गए।

तिलकायत श्री की आज्ञा एवं श्री विशाल बावा के निर्देशानुसार समिति की प्रथम बैठक श्रीनाथजी मंदिर उदयपुर में श्रीनाथजी मंदिर के सहायक अधिकारी श्री अनिल सनाढ्य के नेतृत्व में हुई जिसमें विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर चर्चा की गई जिनमें श्रीनाथजी मंदिर उदयपुर में दीपावली,गोवर्धन पूजा, एवं अन्नकूट उत्सव की तैयारी के संबंध में सेवा एवं दर्शन व्यवस्था की तैयारी,श्रीनाथजी मंदिर घसियार में नवमी तिथि को होने वाली गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट उत्सव की व्यवस्था, प्रभु के राग,भोग,श्रृंगार सेवा में प्रभु के सुखार्थ सेवा में सरलता एवं वैष्णव जन के प्रभु सेवा में सरलता एवं सुविधा अधिक से अधिक हो इन विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। अंत में तिलकायत श्री की आज्ञा से सहायक अधिकारी श्री अनिल सनाढ्य द्वारा सभी सदस्यों का ऊपरना ओढ़ाकर एवं प्रसाद प्रदान कर समाधान किया गया। इस अवसर पर श्रीनाथ जी मंदिर,उदयपुर के भंडारी रामचंद्र सनाढ्य व दिलखुश दवे भी उपस्थित थे।


